जादूगोड़ा में ग्रामीणों का बड़ा कदम: क्रोजाईड खदान को बैरिकेडिंग कर किया सील, खनन कार्य ठप
जादूगोड़ा : पूर्वी सिंहभूम जिले के जादूगोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत कुलामारा गांव के घने जंगलों में संचालित क्रोजाईड खदान के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। बीती रात सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर खदान को पूरी तरह सील कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने खदान तक जाने वाली मुख्य सड़क पर बैरिकेडिंग कर दी और बड़े-बड़े पत्थर बिछाकर आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया।
इस आंदोलन का नेतृत्व ग्राम प्रधान मनोरंजन सिंह ने किया। ग्रामीणों के अनुसार, यह खदान पिछले लगभग 19 वर्षों से संचालित हो रही है और अब इसकी गहराई 40 से 50 मीटर तक पहुंच चुकी है। यहां से प्रतिदिन लगभग 10 हाइवा क्रोजाईड पत्थर का खनन कर बाहर भेजा जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि खदान में लगातार हो रही ब्लास्टिंग के कारण आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है।
ग्राम प्रधान मनोरंजन सिंह ने बताया कि माटीगोडा पंचायत के अंतर्गत कुलामारा गांव के पोंडाकोचा टोला में स्थित सरकारी स्कूल भवन की दीवारों में दरारें पड़ने लगी हैं। इतना ही नहीं, ब्लास्टिंग के दौरान पत्थर के टुकड़े उड़कर ग्रामीणों के घरों की छतों तक पहुंच जाते हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस संबंध में प्रशासन को जानकारी दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि खदान संचालकों द्वारा सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से उल्लंघन किया जा रहा है। बिना किसी उचित सुरक्षा व्यवस्था के ब्लास्टिंग की जाती है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की जान हमेशा जोखिम में रहती है। लगातार भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहे ग्रामीणों ने अंततः खदान को बंद कराने का सामूहिक निर्णय लिया।
बैरिकेडिंग के दौरान ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक प्रशासन इस मामले में हस्तक्षेप कर खदान को स्थायी रूप से बंद नहीं करता और उचित जांच नहीं होती, तब तक वे किसी भी हाल में खनन कार्य शुरू नहीं होने देंगे। इस मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं और उन्होंने भी इस निर्णय का समर्थन किया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए यह मामला चुनौती बन गया है। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन स्थिति को देखते हुए जल्द ही अधिकारियों के मौके पर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
ग्रामीणों की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या ग्रामीणों की सुरक्षा और मांगों को प्राथमिकता दी जाती है या नहीं। फिलहाल पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।







