डीजीएम लाइब्रेरी की सदस्यता हेतु एकमुश्त पंजीकरण शुल्क निर्धारित
डीजीएम लाइब्रेरी से अब पंजीकृत सदस्य शुल्क जमा कर घर ले जा सकेंगे पुस्तकें
दिव्यांगजन के लिए सदस्यता शुल्क पूर्णतः निःशुल्क
विद्यार्थियों, युवाओं एवं आम नागरिकों के लिए जमशेदपुर में दिशोम गुरु मेमोरियल लाइब्रेरी का शुभारंभ किया गया है। यह लाइब्रेरी स्ट्रेट माइल रोड, साकची (TMH क्लिनिक के समीप) दिनशाव मेमोरियल म्युनिसिपल भवन में संचालित है। पाठकों के लिए लाइब्रेरी प्रतिदिन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक संचालित है।
विद्यार्थियों, युवाओं एवं आम नागरिकों को अध्ययन के लिए आधुनिक सुविधा, बेहतर व शांत वातावरण में लगभग 8 हज़ार विविध प्रकार की पुस्तकों का विशाल संग्रह उपलब्ध है।
लाइब्रेरी में सदस्यता हेतु एकमुश्त पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है
6–16 वर्ष के बच्चों के लिए ₹100, 16–25 वर्ष के छात्रों के लिए ₹300, 25–60 वर्ष के वयस्कों के लिए ₹500
60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹100 सदस्यता शुल्क निर्धारित है।
इच्छुक नागरिक QR कोड स्कैन कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं अथवा पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र एवं पासपोर्ट आकार के फोटो के साथ सीधे लाइब्रेरी में जाकर पंजीकरण करा सकते हैं।
दिशोम गुरु मेमोरियल लाइब्रेरी, साकची से अब सदस्य घर ले जा सकेंगे पुस्तकें
पाठकों की सुविधा एवं पठन-संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पुस्तक निर्गमन (बुक इश्यू) सुविधा प्रारंभ कर दी गई है। अब लाइब्रेरी के पंजीकृत सदस्य पुस्तकें अपने घर ले जाकर अध्ययन कर सकेंगे।
लाइब्रेरी प्रबंधन द्वारा विभिन्न आयु एवं वर्ग के पाठकों को ध्यान में रखते हुए सदस्यता शुल्क निर्धारित किया गया है। पुस्तक सदस्यता शुल्क मासिक, त्रैमासिक एवं वार्षिक आधार पर निम्नानुसार है—
बच्चे: ₹50 / ₹120 / ₹550
छात्र: ₹100 / ₹270 / ₹1,100
वयस्क: ₹150 / ₹420 / ₹1,700
वरिष्ठ नागरिक: ₹120 / ₹330 / ₹1,300
सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देते हुए दिव्यांगजन के लिए सदस्यता शुल्क पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है।
उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने इस लाइब्रेरी से शहर में अध्ययन, पठन-पाठन एवं बौद्धिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई है तथा लाइब्रेरी विद्यार्थियों एवं पाठकों के लिए एक महत्वपूर्ण ज्ञान केंद्र के रूप में उपयोगी साबित होगी। पाठकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुस्तकालय प्रबंधन द्वारा लाइब्रेरी के पंजीकृत सदस्य पुस्तकें अपने घर ले जाकर अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराना सराहनीय कदम है।





