जमशेदपुर प्रखंड कार्यालय के समक्ष पंचायत समिति सदस्यों का धरना, 15 दिनों में कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
जमशेदपुर। जमशेदपुर प्रखंड के पंचायत समिति सदस्यों ने करनडीह स्थित प्रखंड कार्यालय के समक्ष मंगलवार को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। धरना की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख पानी सोरेन ने की, जबकि सम्मानित अतिथि के रूप में जिला पार्षद परितोष सिंह उपस्थित रहे।
सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस धरना में पूर्वी सिंहभूम जिला के विभिन्न पंचायत समिति सदस्य, मुखिया, उप मुखिया एवं वार्ड सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। धरना स्थल पर जिला पंचायती राज पदाधिकारी सच्चिदानंद महतो पहुंचकर सदस्यों की समस्याओं से अवगत हुए। इस दौरान पंचायत समिति सदस्यों ने पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडे के नाम मांग पत्र सौंपा।
धरना को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पंचायत समिति की नियमित मासिक बैठकें नहीं हो रही हैं तथा बैठकों में संबंधित पदाधिकारी अनुपस्थित रहते हैं। इसके अलावा प्रखंड एवं अंचल कार्यालयों में जाति, आय, आवासीय, जन्म-मृत्यु एवं पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। उन्होंने भ्रष्टाचार पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी उठाई।
जिला पार्षद परितोष सिंह ने भी सदस्यों की मांगों को गंभीर बताते हुए इसे पंचायती ग्रामीण विकास विभाग एवं मंत्री दीपिका पांडे के समक्ष रखने की बात कही। मंत्री द्वारा मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद धरना समाप्त हुआ।
धरना में पूर्वी सिंहभूम पंचायत समिति सदस्य संघ के अध्यक्ष सतवीर सिंह बग्गा सहित किशोर सिंह, रैना पूर्ति, मनोज यादव, रुद्रो मुंडा, सुनील गुप्ता,नारायण बेसरा दीपू सिंह,सुशील कुमार, रवि कुरली, सोनिया भूमिज, द्रौपदी मुंडा, श्वेता जैन, आशा जायसवाल, सकरो सोरेन, आरती करूवा, सपना बेरा, सुनीता सिंह, गीतिका प्रसाद, झरना मिश्रा समेत कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
घाटशिला प्रखंड प्रमुख श्रीमती सुशीला टुडू उपप्रमुख गोपाल अग्रवाल पंचायत समिति सदस्य सुमित्रा सोरेन छाया रानी साहू, रफीक भाई दास पंचायत समिति सदस्य घाटशिला से
धालभूमगढ़ की प्रमुख श्रीमती देवला हंसदा
गम्हरिया प्रखंड प्रमुख श्रीमती अनीता टुडू
पोटका प्रखंड से सीताराम हंसदा सरस्वती मुर्मू
बहरागोड़ा प्रखंड प्रमुख सुषमा मुर्मू सोरेन उप प्रमुख मनोरंजन होता
पंचायत समिति सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रखंड विकास कार्यालय में तालाबंदी कर उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पूर्व कई बार उपायुक्त को मांग पत्र सौंपे जाने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है, जिसके कारण उन्हें धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ा।





