सड़क दुर्घटना में घायलों के लिए फरिश्ता बनीं विधायक पूर्णिमा साहू, अपनी गाड़ी से लेकर पहुँची एमजीएम अस्पताल, एमजीएम की बदहाली पर विधायक पूर्णिमा साहू ने उठाए गंभीर सवा

सड़क दुर्घटना में घायलों के लिए फरिश्ता बनीं विधायक पूर्णिमा साहू, अपनी गाड़ी से लेकर पहुँची एमजीएम अस्पताल, एमजीएम की बदहाली पर विधायक पूर्णिमा साहू ने उठाए गंभीर सव

जमशेदपुर। जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सिदगोड़ा मेन रोड, 28 नंबर के पास हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल महिला सीमा सांडिल, रीना पातर, बबिता सांडिल और ऑटो चालक शंकर राव को अपनी गाड़ी से एमजीएम अस्पताल पहुंचाया और तत्काल इलाज के लिए भर्ती कराया। वे रविवार को सिदगोड़ा सोन मंडप में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने के पश्चात बाहर निकल रही थी। जहां उन्होंने दुर्घटनाग्रस्त लोगों को देखकर अपनी गाड़ी रोकी और उन्हें अपने वाहन से लेकर एमजीएम अस्पताल पहुंची। अस्पताल पहुंचकर उन्होंने एमजीएम अधीक्षक से फोन पर बात कर तुरंत उपचार शुरू करवाया। एमजीएम अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर चिंता जताते हुए विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि अस्पताल में बुनियादी नागरिक सुविधाओं का गंभीर अभाव दिख रहा है। पर्याप्त व्हीलचेयर तक उपलब्ध नहीं हैं, जो हैं वे भी जर्जर हालत में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों में झारखंड सरकार की लापरवाही और सौतेले रवैये के कारण एमजीएम अस्पताल और कोल्हान की जनता लगातार परेशान हो रही है।

विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के कार्यकाल में एमजीएम की व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए गए थे। आपातकालीन वार्ड में बेड की संख्या और गुणवत्ता बढ़ाई गई, 160 नए एडजस्टेबल बेड खरीदे गए और पुराने जर्जर बेड हटाए गए। बर्न यूनिट, बाल रोग और स्त्री रोग विभाग में भी नई सुविधाएं जोड़ी गई थीं। वर्ष 2019 में 500 बेड वाले नए एमजीएम अस्पताल का शिलान्यास हुआ, लेकिन तय समय पर कार्य पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि आज भी अस्पताल में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और जरूरी मशीनों की भारी कमी है।

राज्य सरकार जमशेदपुर समेत कोल्हान की जनता के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर नहीं है। विधायक पूर्णिमा साहू ने सभी दलों से अपील की कि राजनीतिक मतभेद भुलाकर एमजीएम अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के लिए एकजुट होकर काम किया जाए, जिससे कोल्हान के लोगों को बेहतर इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े।

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