*AIMIM का प्रमंडलीय मिलन समारोह, संगठन को मजबूती पर जोर
*रांची।* ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की ओर से दक्षिणी छोटा नागपुर प्रमंडल स्तरीय कार्यकर्ता मिलन समारोह का आयोजन रविवार को किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। इस दौरान सैकड़ों लोगों ने AIMIM की सदस्यता ग्रहण कर संगठन को मजबूती देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्टी के पूर्व प्रदेश महासचिव समीर अली ने की। उन्होंने कहा कि AIMIM झारखंड में अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और सामाजिक न्याय के सवालों को मजबूती से उठाती रही है और आगे भी संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की अपील की।
इस मौके पर मांडर विधानसभा मीडिया संयोजक आबिद हुसैन ने झारखंड में मॉब लिंचिंग के मामलों पर चिंता जताई और इसके खिलाफ सख्त कानून लागू करने की मांग की। साथ ही मॉब लिंचिंग और पुलिस हिरासत में हुई मौतों के पीड़ित परिवारों को 50 लाख रुपये मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी रखी गई।
हसीबुल अंसारी ने मंच का संचालन करते हुए संगठनात्मक विस्तार और जनता से सीधा जुड़ाव बढ़ाने पर जोर दिया तथा पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय रूप से काम करने का आह्वान किया।
अख्तर रज़ा ने झारखंड अलग राज्य आंदोलन में शहीद हुए मुस्लिमों को उचित सम्मान दिए जाने की मांग भी उठाई।
संगठन मजबूती की दिशा में अहम पहल,
समारोह के दौरान हटिया, मांडर, कांके, लोहरदगा सहित विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से आए लोगों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की, नेताओं ने इसे AIMIM के बढ़ते जनाधार का संकेत बताया।
इस अवसर पर आलिम–फाज़िल डिग्री की समाप्ति को पुनः बहाल किए जाने पर सरकार के प्रति आभार भी व्यक्त किया गया। पार्टी की ओर से समीर अली और आबिद हुसैन ने कहा कि यह फैसला मदरसा शिक्षा से जुड़े हजारों छात्रों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है और इसके लिए वे सरकार को धन्यवाद देते हैं।
AIMIM का यह प्रमंडलीय मिलन समारोह संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
मौके पर उपस्थित प्रमुख लोग
इस अवसर पर साकिब अंसारी, हिफ़्जुल रहमान, अमान अंसारी, सफिउल्लाह अंसारी, मो. कैफ इमरोज़, इस्तियाक, साजिद अंसारी, शाहबाज अंसारी, शोएब अख्तर, शाहबाज अंसारी दानिश, मुंसफ खान, आरिफ़ खान, नसीम अंसारी, मुर्तुजा अंसारी, जाकिर अंसारी, इमरान अंसारी, ताजीम, अब्दुल हकीम, नबाब खान, अज़हर अंसारी, मुदस्सर अंसारी, आफताब अंसारी, बारीक अंसारी, सद्दाम अंसारी, जफरान, बसीर अंसारी, इस्लाम अंसारी, अशफ़ाक अंसारी, अमीरूल सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।





