घाटशिला उपचुनाव के ठीक पहले भाजपा को बड़ा झटका, जिला परिषद उपाध्यक्ष पंकज सिन्हा, जंबू अखाड़ा के संचालक बंटी सिंह, भाजपा ग्रामीण अध्यक्ष सौरभसमेत कई नेता झामुमो में शामिल
जमशेदपुर के घाटशिला विधानसभा के होने वाले उपचुनाव के ठीक पहले भाजपा को झामुमो ने बड़ा झटका दे दिया है. भाजपा के वरिष्ठ नेता और जमशेदपुर के जिला परिषद के उपाध्यक्ष पंकज सिन्हा, भालुबासा के जंबू अखाड़ा के संचालक बंटी सिंह, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) सह प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सौरभ चक्रवर्ती, भाजपा में शामिल हुए जिला परिषद सदस्य खगेन महतो, घाटशिला भाजपा मंडल अध्यक्ष कौशिक सिन्हा, मुसाबनी भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष तुषार पात्रों, भाजपा के मीडिया प्रभारी सुरेश महाली समेत कई लोगों ने झामुमो का दामन थाम लिया है. झामुमो के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाडंगी के नेतृत्व में सारे लोगों ने ज्वाइनिंग की.झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इन लोगों को पार्टी की सदस्यता दिलायी. घाटशिला उपचुनाव के ठीक पहले भाजपा को बड़ा झटका लगा है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी का स्वागत किया. इस ज्वाइनिंग के दौरान जमशेदपुर की जिला परिषद की अध्यक्ष बारी मुर्मू भी मौजूद थी.विधानसभा चुनाव के वक्त जिला परिषद की अध्यक्ष बारी मुर्मू, लक्ष्मण टुडू, कुणाल षाडंगी समेत कई लोगों ने झामुमो का दामन थामा था. अब नये सिरे से सारे लोगों की ज्वाइनिंग हुई है, जिससे भाजपा के पास कोई जवाब नहीं है. उनकी ज्वाइनिंग के बाद भाजपा ने अचानक से प्रेस रिलीज जारी कर सारे भाजपा नेताओं के निष्कासित करने की जानकारी साझा कर दी.दूसरी ओर, भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं घाटशिला विधानसभा को प्रदेश के आदेश से मुख्य रूप से देख रहे अभय सिंह ने कहा कि जो लोगों ने घाटशिला भाजपा से इस्तीफा देकर दल बदल करके झामुमो छोड़कर चले गए है. वैसे लोगों ने पार्टी का उद्धार किया है. पार्टी ऐसे लोगों के कारण ही भारी नुकसान करना पड़ रहा था. जब इस बार के चुनाव में भीतरघात करने का मौका इन लोगो को नहीं मिल रहा था तो बेचैनी स्वाभाविक है.आज पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं की राहत की सांस लिया है ग्रामीण के सभी कार्यकर्ता निष्ठा के साथ अब जोर शोर से और लग चुके हैं. ऐसे लोग पार्टी में शरीर से विगत 5 वर्षों से थे. लेकिन मां दूसरे जगह नाच रहा था. पैसे के प्रलोभन यहां नहीं मिलना ठेस पहुंचा रहा था और पैसे के लोग में दूसरी डाल पर जाना इनका स्वाभाविक नेचर बन गया. पार्टी में लगातार 3 वर्षों से निष्क्रिय व्यक्ति पार्टी को दीमक की तरह चाट रहा था.




