डिमना लेक में विसर्जित हुई मूर्तियों की सफाई

डिमना लेक में विसर्जित हुई मूर्तियों की सफाई

 

जमशेदपुर में डिमना लेक प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। जहां दूर-दूर से पर्यटक के तौर पर लोग अपने परिवार के साथ प्रकृति की गोद में भ्रमण करने का आनंद लेने के लिए आते रहते हैं। ऐसे में दुर्गा पूजा के बाद विसर्जित मूर्तियों की वजह से डिमना लेक का एक किनारा कचरा का पहाड़ बन गया था। जिसे फौजी एंड फ्रेंड्स की टीम जय हो के आवाहन पर पूर्व सैनिक सेवा परिषद कोरू फाउंडेशन टाटा स्टील फाउंडेशन ग्रीन कैप एवं मानगो के जिम्मेदार नागरिकों के द्वारा संयुक्त रूप से अभियान चलाया गया एवं गहरे पानी से सभी मूर्ति के अवशेषों एवं पूजा सामग्रियों का सफाई किया गया। जुस्को के प्रयास से सारे मूर्तियां को प्रॉपर स्थान पर निष्पादित कर दिया गया ताकि उसका उपयोग पुनः मूर्ति बनाने में किया जा सके। पानी के अंदर दारू के फूटे बोतल मिट्टी के बर्तन मूर्तियों में लगे किला कांटी इस अभियान को पूरा करने में बहुत बड़ी चुनौती थी। जिसको अभियान के साथियों ने कठिन परिश्रम के बाद पूरा किया। इस अभियान में ऐसे ऐसे युवा साथी शामिल हुए जिनको हम लोग पहले से नहीं जानते और वे लोग भी हम सबको नहीं जानते थे। मगर सोशल मीडिया के माध्यम से इस अभियान से लोग जुड़े एवं बहुमूल्य योगदान दिए। इसीलिए कहते हैं अच्छे काम के लिए अच्छे नियत से आगे बढ़ते चलिए सफलता दिलाना ऊपर वाले के हाथ में है। इस अभियान को सफल बनाने में पूर्व सैनिक सुशील कुमार सिंह हंसराज सिंह सुरेंद्र प्रसाद मौर्य रजत डे महेश जोशी पी के मिश्रा जयप्रकाश पाठक आरपी सिंह बानरा प्रणब कुमार पाल दुलाल महतो रवि तंतुबई

रिक घोष जॉय प्रकाश घोष श्याम घोष सुवजीत घोष शामिल थे।

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