1965 एवं 1971 के युद्धवीर रहे पूर्व सैनिक हीरा लाल सिंह पंचतत्व में विलीन, सैनिक सम्मान के बाद बड़े बेटे दीपेश ने दी मुखग्नि
भारतीय थल सेना से सेवानिवृत एस पी आर हीरा लाल सिंह जो 1965 में सेना में भर्ती हुए थे और प्रशिक्षण काल में ही उन्हें युद्ध का माहौल देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। तत्पश्चात 1971 युद्ध में भी अपनी सेवा दे चुके हीरा लाल सिंह 1973 में सेना से सेवानिवृत होने के बाद जमशेदपुर स्थित टीआरएफ कंपनी में सेवा दिए और वहां से सेवानिवृत होने के बाद प्रेम नगर बर्मामाइंस में अपने दो पुत्र दीपेश एवं रूपेश बेटी सोनी का भरा पूरा परिवार के साथ रहते थे। कल दिनांक 18 सितंबर को उनका देहांत हो गया। जानकारी मिलने पर स्थानीय पूर्व सैनिक पूर्व सैनिक सेवा परिषद के सक्रिय सदस्य सुशील कुमार सिंह एवं महामंत्री दिनेश सिंह को फोन से जानकारी दिए। सैनिक वीर को पूर्व सैनिक सेवा परिषद के प्रतिनिधियों ने तिरंगा ध्वज सम्मान प्रदान करते हुए उनके आवास से धूमधाम से उनका पार्थिव शरीर वरिष्ठ नागरिक भवन बर्मामाइंस पहुँचा और वहां वरिष्ठ नागरिकों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। प्रशासन की तरफ से बर्मामाइंस गोलमुरी सीताराम डेरा थाना के पीसीआर ने सैनिक वीर के अंतिम यात्रा की अगुवाई की। भुइयांडीह स्वर्णरेखा घाट में सेना की तरफ से कमांडिंग ऑफिसर कर्नल मानस कुंडू के प्रतिनिधि के रूप में नायब सूबेदार बलवीर सिंह ने पुष्प चक्र चढ़ाया जबकि राज्य सैनिक निदेशक ब्रिगेडियर निरंजन कुमार एवं कोल्हान सैनिक कल्याण पदाधिकारी कर्नल किशोर सिंह के प्रतिनिधि के रूप में पूर्व सैनिक सुशील कुमार सिंह ने पुष्प चक्र चढ़ाया। पूर्व सैनिक सेवा परिषद पूर्वी सिंहभूम के प्रतिनिधि के रूप में हवलदार सतेंद्र सिंह बरमेश्वर पांडे बलजीत सिंह राधेश्याम सिंह विजय शंकर पांडे उपेंद्र सिंह अशोक श्रीवास्तव सतनाम सिंह अजय कुमार सिंह शत्रुघ्न प्रसाद सिंह संजय सिंह पप्पू सिंह पवन सिंह ने संयुक्त रूप से पुष्प चक्र चढ़ाया। इस अंतिम सैनिक सम्मान यात्रा में सैकड़ो की संख्या में नगर वासी शामिल हुए।





