1 निवेदन पूर्वक यह कहना है कि मेरा नाम जोमा पिता सुकुमार पता बागुन नगर बारीडिह थाना सिदगोड़ा है।

सेवामे,
थाना प्रभारी
सिदगोड़) जमशेदपुर
विषय – प्राथमिकी दर्ज कराने के संबंध में
महाशय,
1 निवेदन पूर्वक यह कहना है कि मेरा नाम जोमा पिता सुकुमार पता बागुन नगर बारीडिह थाना सिदगोड़ा है। अमय तकरीबन 8.00 बजे शाम को मैं अपने भयाके में भी उसी वक्त मेरी, 1 है। आम दिनांक 8 सितंबर 2025 सास एवं मेरे पति मोठ्यफरीद मोठ फरीद के के पहले बली का बेटा गहनावा 20वर्षमेरे मयोंक आया और मुझे कहने लगा कि अब्बू आपको घर वापस बुला रटै हैं मैंने उसे कहा कि में अब अपने समूराल नही जाऊँगी, मैं अब आपने भयोक रहेंगी तभी मेरीस सास और शस्नावत जोर-जोर चिल्लाते हुए कहने लगे तुमको लेकर वृयरस जाएंगे, उसके कुछ देर बाद ही शहनावात शताय पकड़कर जबान लेकर जाने जाने का प्रयास करने लगा, मैंने जब इसका विरोध किया तो मुझे जमीन में पटक दिया और मेरेसाथ बदसुतिक किया जिससे मुझे शरीर मे पूरी पीड़ा हो रही है। मेरी सास ने कहा अगर तुमनहरी चलूँगी तुमको जान से भारखा हुजी, मेरा बेटा बहुत खतरनाक है तुमको माझ्या सकता है तभी मेरा पनि यी और इलाही भी वहाँ पहुंच गया और बस्ती वाले हल्ला सुनकर वहाँ पहुँच गये। उसके बाद लोगों ने फोन कर पुलिस को बुलाकर सबको पुलिस के हवाले कर दिया मैं उबर में उसके ल्यार के चक्कर में आकर शादी की थी, शादी के बाद वो मुझे घर नहीं लेक जावर कही औरएक साल तक एक मैं गर्भवती हो गई तब वो अपने घर लेकर गया। तमउसके बाद पता चला कि उसकी दो ओर पानी पहले से हैऔर उसने बच्चे पहले से है उसकी एकपल्ली अनिशा जवाइन मुझे गायका मासि नितीन की कोशिश कीजन मैंने मनाना कराते हुए कहा कि शादी से पहले हमलोगों ने तथ किया शाकि मेरा धर्म परिवर्तन नही करावया जायेगा और नाही गाय मासु नहीं खिलाया जायेगा और ना टीममोर ही जाकर हिंदू रिती रिवाज सेपुषा भरने में माना नहीं किया धाविना पर मेरे पति के सभी शर्त को तोड़ते हरा घर वाले के कहने पर धर्म परिर्वतन भोककथा आयमा खिलाना अल हिंदू रिति रिवाज से मुझे पुना करने रुका बाद मुझे नौकरानी की तरह रखा जाना। उनका छोरा बेटा रेहान रुका गया। शादी के कुछ वर्षाक 15 वर्ष एवं शहनाव २० वर्ष, कई बार मुझे जबरदस्ती छेड़ छाड़ करता था इसके विरोध में करती थी अपने पति को तब उसने साथ नहा तो तब मेरा पति मुझे मारता था और धमकी देता था कुछ हफ्ते पहले दिया, मेरा बेटी को भी परेशान करता था, अब इसका विरोध किया मधाने आ गई मैं अभ ससुराल नही जाना चाहती है और ना हा रिश्ता रखना चाहती है।
अता श्रीमान से निवेदन है कि सभी दोषीथों को उचित कानूनी कार्यवाही देते हुए सज़ा है (कठोर)।
आपकी विश्वासीय 7979861778 दिनांक १ सितंबर 2025

 

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