गणेश पूजा से बुध, राहु-केतु और नवग्रह दोष से मुक्ति पाई जा सकती है। : के श्रीनिवास राव

जमशेदपुर : आंध्रा समिति सोनारी में नवग्रह शांति पूजा का आयोजन किया गया पहले गणेश जी यहाँ दीपक जलाकर उनका पूजा किया गया फिर गणेश जी को कुमकुम, चावल, फूल और मिठाई अर्पित किया इसके बाद नवग्रह यंत्र स्थापित करके केसर का तिलक लगाकर पोरुहित के द्वारा तेलुगु रीतिरिवाज से पुरे विधि विधान साथ नवग्रह मंत्र का जप किया गया और पूजा के अंत में घी का दीपक जलाकर आरती किया गया। इस मौके पर महासचिव के श्रीनिवास राव कहा बल बुद्धि और विवेक के देवता भगवान श्री गणेश विघ्नहर्ता है, वे धन, बुद्धि और ऐश्वर्य के भी स्वामी है। भगवान श्री गणेश का जन्म भी दो शरीर के मिलन से हुआ है। राहु-केतु की स्थिति इसके विपरीत नजर आती है, यहां एक शरीर के दो अंश है, इसीलिए भगवान गणेश की आराधना से राहु-केतु संतुष्ट होते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भगवान गणेश को चढ़ाई जाने वाली दुर्वा का संबंध राहु से माना गया है। ज्योतिष में इसे राहु की वनस्पति के तौर पर देखा जाता है। राहु दोष की शांति के लिए श्री गणेश द्वादश नाम स्तोत्र का पाठ करना अच्छा रहता है। इन नामों के साथ दुर्वा भगवान गणेश को अर्पित करते रहें। केतु दोष शांत करने के लिए किसी जरूरतमंद को हरे मूंग का दान करें। वहीं भगवान गणेश के निर्माणाधीन मंदिर में यथासंभव दान करें। ज्योतिष में भगवान गणेश को बेहद भी शुभ और प्रभावी माना गया है, जातक कुछ सामान्य उपाय कर नव ग्रह दोष से भी मुक्ति पाई जा सकती है। पूजा में बलराम शर्मा, के श्रीनिवास राव ,सैलजा , हनुमंत राव ,के मणि ,धर्म राव ,शशि , जानकी, आदि शामिल थे।

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