मैकानी मेटल्स, मुंबई ने सीएसआईआर-एनएमएल के साथ परियोजना निष्पादन हेतु करार किया

मैकानी मेटल्स, मुंबई ने सीएसआईआर-एनएमएल के साथ परियोजना निष्पादन हेतु करार किया
 
आज दिनांक 5 दिसम्बर  2024 को राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल), जमशेदपुर ने मैकानी मेटल्स, मुंबई के साथ परियोजना निष्पादन हेतु करार किया है। इस करार के तहत मैकानी मेटल्स कीमती एवं बहुमूल्य धातु निकाल सकेगी। यह करार जो पूर्ण रूप से ई-वेस्ट के लिए बहुमूल्य तोहफा हैं कारण रिसाइक्लिंग ज़ीरो वेस्ट कोंसेप्ट पर कार्य करेगा। यह पर्यावरण अनुकूल हैं एवं इसके सही निस्पादन से पर्यावरण स्वच्छ होगा, बेरोजगार युवकों को नौकरी मिलेगी एवं असंगठित इकाई संगठित होकर कचड़ा उठाव एवं निस्पादन इस प्लान्ट के द्वारा कर सकेंगे। मुनिसिपल इकाई भी इस कंपनी से संपर्क कर कचड़ा निस्पादन कर पाएंगे। 
 
इस मौके पर एनएमएल, जमशेदपुर के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी, परियोजना प्रमुख डॉ. अंकुर शर्मा, प्रभारी (अर्बन और रीसाइकलिंग सेंटर) डॉ. मनीष कुमार झा, प्रभाग प्रमुख डॉ. संजय कुमार, डॉ. झुमकी हैत, डॉ. कृष्णा कुमार एवं टीम शोधार्थी डॉ. रेखा पांडा, सुश्री करीना रानी ने करार में अपना योगदान दिया। इनके अलावा व्यापार प्रमुख डॉ. एस. के. पाल और डॉ. बीणा कुमारी तकनीकी हस्तांतरण डोकुमेंटेसन करवाने में अपना सहयोग किया। डॉ. अंजनी कुमार साहु ने एमओयू सम्बन्धित कार्यों में एवं रिसाइक्लिंग के क्षेत्र में भारत मे भावी संभावनाओं की ओर प्रेस एवं मीडिया को इंगित किया। मैकानी मेटल्स, मुंबई, के संस्थापक श्री रियाज मैकानी अपने व्यवसाय का विस्तार करते हुए अब ई-कचरा रिसाइक्लिंग के व्यवसाय में प्रवेश कर रहे हैं। सीमित प्राकृतिक संसाधनों की अत्यधिक चिंता को ध्यान में रखते हुए, श्री रियाज मैकानी ने कहा कि, “प्रदूषण मुक्त समाज बनाने के साथ-साथ भावी पीढ़ी के लिए प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करके देश की सेवा करने के लिए ई-कचरा रिसाइक्लिंग तकनीक लेकर एवं सीएसआईआर-एनएमएल, जमशेदपुर का हिस्सा बनकर मुझे बहुत खुशी हो रही है।“
 
एनएमएल, जमशेदपुर के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी, ने खुशी व्यक्त की और कहा कि, हाल के दिनों में एनएमएल ने कई स्वदेशी तकनीकें भारतीय कम्पनियों को हस्तांतरित की हैं और आशा है कि भविष्य में हम भारत को ई-कचरा मुक्त समाज बनाने के लिए और अधिक से अधिक करार करेंगे

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