, चाईबासा : दिनाँक 24.02.2024 को खूंटकट्टी मैदान, चाईबासा में पूर्व सांसद , पूर्व मंत्री स्व० बागुन सुम्बुरुई जी के 100वीं जयंती के उपलक्ष्य में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शहर के अनेकों समर्थक व गणमान्य नागरिक उपस्थित हुए। इस अवसर पर हरदिल अज़ीज़ स्व०बागुन सुम्बुरुई की जीवनी पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर स्व० बागुन सुम्बुरुई के सुपुत्र श्री हिटलर सुम्बुरुई ने सभी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का आभार जताया और कहा आप सबों की उपस्थिति बताती हैं की मेरे पिता आज भी कोल्हान के लोगों के दिलों में बसते हैं, यह मेरे परिवार व मेरे पिता स्व० बागुन सुम्बुरुई के लिए बहुत सम्मान की बात है। श्री हिटलर सुम्बुरुई ने आगे कहा पहले मुझें अपने पिता के सादगी का अर्थ समझ नहीं आता था, परन्तु आज की राजनीति फलक में जिस तरह आदिवासी समुदाय के राज नेताओं के लगातार जेल यात्रा से मेरी समझ में आया वो हमेशा क्यूँ कहा कहते थे हम आदिवासी हैं, हमें अपना हद नहीं भूलना चाहिए, गलत लोगों के चक्कर में रुपिया, पैसा संपति तो कमा सकते हो पर एक पाँव हमेशा मुसीबत में फँसा रहेगा। आज लोग बड़े बड़े उप नाम से जाने जाते हैं ,पर स्व०बागुन सुम्बुरुई की सादगी ही अंतिम समय तक उनकी पहचान बनी रही, आम आदिवासी ,मूलवासी के भूखे नंगे रहने का एहसास रहने के कारण ही उन्होंने कभी आलीशान मकान या मँहगी गाड़ियों के प्रति मोह नहीं दिखाया. सारा कोल्हान को मालूम है तामाम उम्र अपने ससुराल वालों के घर में रहें।राजनीति में बेबाक़ी उनकी पहचान थी,7वीं झारखंड बिल का विरोध बिहार विधानसभा में” लालू प्रसाद यादव” के यह कहने पर की झारखंड मेरी लाश पर बनेंगी। तब झारखंड के नेताओं की चुप्पी को तोड़ते हुए बागुन सुम्बुरुई ने कहा, झारखंड के लिए हजारों आदिवासी ,मूलवासियों लोगों की मौत हो गई, एक और आपकी मौत होने से झारखंड मिलता हैं तो हम आदिवासियों को मंजूर हैं। उस घटना के उपरांत झारखंड अलग राज्य बिल पर लालू प्रसाद यादव और राजद ने भी अपनी सहमति दिया। इस मौके पर बिमल सुम्बरुई हिटलर, रामसिंह सेवैयाँ, सतीश चन्द्रवँशी ( जदयू ), राजाराम गुप्ता ( अधिवक्ता सह समाजसेवी ), राजकिशोर साहू ( पूर्व शिक्षक सह समाजसेवी ), सतीश महतो ( अधिवक्ता ), राजकुमार रजक ( वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ), राहुलचन्द्रवँशी, मो0 खालिक, रामवृक्ष प्रसाद ( वरिष्ठ समाजसेवी ),दीपू टांक,विनोद सेवैयाँ , रामानुज शर्मा( जिलाध्यक्ष मानवधिकार आयोग प0 सिंहभूम), लादूरा सेवैयाँ, मो0 फिरोज (अल्पसंख्यक नेता सह समाजसेवी ), श्रीमती जया सुम्बरुई (पुत्रवधू ),सुश्री सुशांति बरज़ो,अशोक बारीक़,जॉन बोदरा, इंद्रजीत बोदरा (समाजसेवी),महेन्द्र जामुदा(अधिवक्ता ),जयराम सिंह(वरिष्ठ समाजसेवी),संजु पांडेय ( बीजेपी जिलाध्यक्ष),प्रताप कटियार, विक्क़ी देवगम,किशोर बोदरा (वरिष्ठ कांग्रेसी नेता),मृतुन्जय ठाकुर, बाबू दत्ता ( समाजसेवी),मेवालाल होनहागा ( वरिष्ठ समाजसेवी),मो0अफरोज आलम पप्पू,विष्णु अग्रवाल(समाजसेवी ),श्रीमती आशा सेवैयाँ,धनुरजय नायक (समाजसेवी),राजेश महतो (मास्टर),छोटेलाल तामसोय(समाजसेवी),ध्रुव गुप्ता,मो0इम्तियाज मंसूरी बाबू,सोनल सिंकू,प्रवीण राय,मनोज कुमार गुप्ता,लक्ष्मण सोय(समाजसेवी),संजय मिश्रा (पण्डित जी), मो0 गुड्डू खान,संजय गुप्ता भोले, टाटा बारी(कांग्रेसी नेता),राकेश कुमार(सांसद प्रतिनिधि),मनीष सेवैयाँ, दीपक कुमार बबलू,रमेश सांडिल, एडवोकेट अगस्तीन कुल्लू (महासचिव जिला अधिवक्ता संघ ),किशोर सिन्हा(अधिवक्ता सह नोटरी ),रवि मिश्रा(युवा कांग्रेसी नेता),राजकिशोर साहू(शिक्षाविद),वरिष्ठ पत्रकार श्री ज्ञानी जी,संजीव देव बर्मन(शिक्षाविद),दीपक कुमार विश्वकर्मा(सेल कर्मी,पूर्व इंटक जोनल सेक्रेटरी),चीकू अग्रवाल, रोशन कर्ण ,रमेश दोदराजका,वरिष्ठ पत्रकार नरेश ख़िरवाल,श्री रामेश्वर प्रसाद वरिष्ट अधिवक्ता (अध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ),आशीष कुमार सिन्हा अधिवक्ता( पूर्व महासचिव जिला अधिवक्ता संघ),संतोष सिन्हा(कांग्रेसी नेता),हादी हसन खान,गणेश प्रजापति,सुनील कुमार आदि समर्पित कोल्हान जनों की उपस्थिति रही।






