चक्रधरपुर- मकर संक्रांति के अवसर पर मनोहरपुर विधानसभा के सोनुआ प्रखंड के उदयपुर गांव में मनाया जाने वाला झारखंड का प्राचीन टुसू पर्व मंगलवार को समाप्त हो गया. महिलाओं व लड़कियों ने गाजे बाजे के साथ टुसु के गीत पर नित्य करते हुये नदी, तालाबों में पवित्र टुसू की प्रतिमा का विसर्जन किया. मकर संक्रांति के दिन ही टुसु की प्रतिमा स्थापित कर लोग जम कर टुसु के गीत पर सामुहिक रूप से नित्य गान किया.मौके पर जदयू जिला अध्यक्ष विश्राम मुंडा ने कहा कि झारखंड में मकर संक्रांति को टुसू पर्व या मकर पर्व के नाम से मनाया जाता है. खेतों में तैयार नई फसल के स्वागत में जब भारतवर्ष के अधिकांश लोग मकर सक्रांति का त्यौहार मनाते है .तब जंगलों और पहाड़ों के राज्य झारखण्ड के ग्रामीण, आदिवासी अपनी बेटी टुसू मनी के बलिदान की याद में राज्य का पारंपरिक त्यौहार टुसू मनाते हैं. यह मुख्य रूप से झारखंड का त्यौहार है, लेकिन उड़ीसा और बंगाल में भी इसकी धूम होती है. उन्होंने कहा फसल की कटाई के बाद पौष माह में ग्रामीण लड़कियां व महिलाएं पर्व को धूमधाम से मनाते हैं. उन्होंने कहा कि टुसू पर्व का इंतजार ग्रामीण लड़कियों को बेसब्री से रहता है. इसे पर्व में बहनें अपने भाई की लंबी आयु के लिए भगवान से प्रार्थना करती हैं. इस मौके पर स्थानीय लोग अपने घरों में गुड़, पीठा और चावल आदि बनाया जाता है.व्यंजन में नारियल का भी प्रयोग होता है. कई स्थानों पर टुसू मेला का आयोजन भी किया जाता है. विसर्जन जुलूस गाजे बाजे के साथ निकल गई .इस मौके पर जमकर महिला एवं पुरुष ने नृत्य किया. विसर्जन जुलूस समारोह में जदयू जिलाध्यक्ष बिश्राम मुण्डा उपस्थित होकर गांव के सभी लोगों को नव वर्ष और मंकार संक्रांति टुशु पर्व का बहुत बहुत बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं दिया.इस मौके पर विकास कालिंदी , अजित सिंह , संजय सिंह , सुबोध नायक , घनश्याम नायक ,अदिर नायक , दिनेश कुमार नायक ,जितमोहन नायक ,दिपाक नायक ,देवनाथ नायक , अशोक कुमार नायक ,बाराती नायक समेत काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.






