बरनवाल मोदी सेवा समिति की बैठक सह अहिबरण जयंती आज

बरनवाल मोदी सेवा समिति की बैठक सह अहिबरण जयंती आज संध्या MIITJEE CLASSES के कैंपस साकची में इनके निर्देशक प्रभात रंजन बरनवाल जी के सौजन्य से डाक्टर अशोक कुमार वर्णवाल जी के अध्यक्षता में हुई। जिसमें सर्वप्रथम अपने पूर्वज महाराजा अहिबरण जी के चित्र पर माल्यार्पण किया तत्पश्चात उपस्थित सभी बंधु-बांधवों ने पुष्पांजली अर्पण की। बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष मनोज कुमार वर्णवाल ने कहा हमारे पूर्वज महाराजा अहिबरण जी प्रभु श्रीराम जी के वंशज थे और बरण (वर्तमान में बुलंदशहर) राज्य के राजा थे पर मुगलों के आक्रमण के बाद इनका राज पाट छिन्न भिन्न हो गया और वहां के बरनवाल बरण को छोड़कर देश के अन्य क्षेत्रों में पलायण को मजबूर हुये और हमलोगों को तलवार छोड़कर तराजू पकडने को मजबूर होना पडा लेकिन अब समय बदल चुका है हमारे आराध्य प्रभु श्रीराम जी को 500 वर्ष की लंबी लडाई के बाद 22 जनबरी को उनका भव्य मंदिर में प्रवेश हो रहा है उसी तरह से हम बरनवालों का भी अपना शहर बरण नामकरण हो। जिस तरह से उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी कई शहरों के मुगलकालीन नाम में परिवर्तन करते हुए उसके एतिहासिक नामांतरण कर रहे हैं उसी श्रेणी में बुलंदशहर को भी बरण जनपद नाम करना चाहिए और हमारे अहिबरण जी का एक स्मारक बरण(बुलंदशहर) में हो इस दिशा में कार्य होना चाहिए। आगे अपना पारिवारिक मिलन समारोह सह अहिबरण जयंती समारोह 7 जनबरी को दलमा व्यु XLRI के मेरीन ड्राइव गेट के बगल में आयोजित किया गया है जिसमें मुख्य अतिथि श्रीमान बिरंची नारायण जी, विधायक बोकारो सह मुख्य सचेतक झारखंड विधान सभा एवं विशिष्ट अतिथि श्री लखन लाल बरनवाल जी ,प्रदेश अध्यक्ष बरनवाल वैश्य महासभा,झारखंड प्रदेश होगें। इस बैठक में मुख्य रुप से मनोज कुमार वर्णवाल जी,सुनील कुमार वर्णवाल जी, दिलीप कुमार जी,मनोज कुमार वर्णवाल जी(ट्रेन मैनेजर),विकास कुमार जी,प्रवीण कुमार वर्णवाल जी,रविभूषण वर्णवाल जी,अंबरीश बरनवाल जी,राकेश कुमार जी, डाक्टर अशोक कुमार वर्णवाल जी, महेश प्रसाद वर्णवाल जी, उमेश प्रसाद बरनवाल जी,जितेन्द्र बरनवाल जी,मुरारी लाल बरनवाल जी,दीपक कुमार बरनवाल जी, विवेक कुमार जी,राजकुमार बरनवाल जी,प्रभात रंजन बरनवाल जी, नवल किशोर बरनवाल जी,प्रदीप कुमार पंकज जी,शुभम बरनवाल जी ,सोनी जी, प्रिया जी,नेहा जी और मनीषा बरनवाल जी उपस्थित थी

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