महासमुंद। निर्वाचन आयोग के होम वोटिंग की नई सुविधा मिलने पर महासमुंद जिले के 80 वर्ष से अधिक के आयु के बुजुर्गों तथा चलने-फिरने में असमर्थ दिव्यांगों ने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र में अनिवार्य भागीदारी का सपना साकार किया है। इस नई व्यवस्था के तहत जिले के 350 मतदाताओं को होम वोटिंग की सुविधा दी गयी थी। शुक्रवार सुबह 8 बजे से रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा मतदान दलों को रवाना किया गया। सामान्य प्रेक्षक विवेक एल भीमनवार ने नयापारा स्थित 85 वर्षीय शहजादी बेगम के घर जाकर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने होम वोटिंग की सुविधा का निरीक्षण किया। वहीं कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रभात मलिक ने भी स्थानीय वार्ड नम्बर 20 महासमुंद में जाकर 80 वर्षीय वरिष्ठजन भवन लाल जैन से मिलकर होम वोटिंग का जायजा लिया।
होम वोटिंग के दौरान सरायपाली विकासखंड अंतर्गत श्रीमती लक्ष्मी पटेल 81 वर्ष, जागसाय पटेल 82 वर्ष, श्रीमती कौशिल्या देवी अग्रवाल 90 वर्ष, तथा बसना विकासखंड अंतर्गत श्रीमती सुंदर मोती निषाद 90 वर्ष, डॉ. सुरीत कश्यप 86 वर्ष, पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत भातकुंदा की श्रीमती सुनाई पटेल 85 वर्ष, झिलमिला की श्रीमती मालती बाई 81 वर्ष, महासमुंद निवासी कुंज लाल साहू एवं मेमरा की दिव्यांग सीता बाई निषाद 35 वर्ष जैसे अनेक वरिष्ठजनों और दिव्यांगों ने उत्साहित होकर मताधिकार का प्रयोग किया। मतदाताओं ने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा उन्हें होम वोटिंग की सुविधा प्रदान नहीं की जाती तो इस समय उनके लिए शारीरिक अस्वस्थता के चलते मतदान केंद्र में पहुँचकर मतदान करना बिलकुल भी असंभव था। सभी ने उनके जैसे अनेक बुजुर्गों एवं दिव्यांगों को उनके घरों पर ही मतदान की सुविधा प्रदान करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग के इस होम वोटिंग की नई व्यवस्था की प्रशंसा की।






