कोच्चि. केरल हाईकोर्ट के एक न्यायाधीश के ऑफिस के बाहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक युवक आत्महत्या करने की धमकी देने लगा. इस दौरान न्यायालय परिसर में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. युवक अपनी लिव-इन पार्टनर द्वारा अपने माता-पिता के पास लौटने की इच्छा जाहिर करने के बाद न्यायाधीश के ऑफिस के बाद अपने पॉकेट से चाकू निकालकर अपनी कलाई काटकर आत्महत्या करने की धमकी देने लगा. युवक की पहचान 31 वर्षीय विष्णु के रूप में हुई है.
घटना के बाद पुलिस ने त्रिशूर के थझेकड़ के विष्णु के खिलाफ मामला दर्ज किया. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने विवरण प्रदान करते हुए बताया कि विष्णु को 23 वर्षीय महिला के पिता द्वारा प्रस्तुत बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के जवाब में अदालत में बुलाया गया था, जो युवक के साथ रह रही थी. हालांकि, कार्यवाही के दौरान महिला ने अपने माता-पिता के साथ जाने की इच्छा व्यक्त की. अधिकारी ने कहा, “युवक अदालती कार्रवाई के बाद अपना बैग लेने गया और उसने जेब से चाकू निकाला और अपनी कलाई काट ली. मामूली चोट के कारण उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया.”
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक कथित तौर पर युवक और युवती करीब एक महीने तक साथ रह रहे थे. न्यायमूर्ति अनु शिवरामन और न्यायमूर्ति सी जयचंद्रन की खंडपीठ ने मामले और इसमें शामिल पक्षों की सुनवाई की. सुनवाई के दौरान महिला ने पीठ को बताया कि उसके मन में विष्णु के लिए भाई के स्नेह के अलावा कोई भावना नहीं थी और वह उसके साथ केवल इसलिए रही क्योंकि युवक ने उसके साथ नहीं रहने पर आत्महत्या करने की धमकी दी थी.
युवती ने न्यायाधीशों से कहा कि वह अपने माता-पिता के साथ जाना चाहती है. पीठ ने इसे दर्ज किया और उसके पिता की याचिका स्वीकार कर ली. सुनवाई न्यायमूर्ति शिवरामन के कक्ष में हुई और जैसे ही वह व्यक्ति न्यायाधीश के कक्ष से बाहर निकला और उसने चाकू निकालकर अपनी कलाई काट ली.






