हो भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए हो समुदाय ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया

चक्रधरपुर: समुदाय की हो भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर चक्रधरपुर से आदिवासी हो समाज युवा महासभा के सैकड़ों सदस्य उत्कल एक्सप्रेस से नई दिल्ली के लिए रवाना हुए.

आज उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया और मांग की कि केंद्र हो भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करे.
समुदाय के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर अपनी मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपने की भी योजना बना रहे हैं.
नई दिल्ली में विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से सृजन हाईबुरू, रवींद्र गिलुआ, मदन कुमार बोदरा, बाशिल हेम्ब्रम, देवराज चतर व अन्य मौजूद थे. बताया गया है कि 17 अगस्त से ही झारखंड, असम, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से हो भाषी आदिवासी समुदाय के लोग दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं.
शनिवार को चक्रधरपुर के अलावा टाटानगर, राजखरसावां, मनोहरपुर व अन्य स्टेशनों से बड़ी संख्या में समाज के लोग उत्कल एक्सप्रेस से नई दिल्ली के लिए रवाना हुए। अपनी मांगों को लेकर समाज के लोगों ने चक्रधरपुर स्टेशन पर नारेबाजी की और कहा कि हो भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने से समाज का सर्वांगीण विकास होगा.

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