नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज की बड़ी उपलब्धि, बिहार-झारखंड में पीजी की 138 सीटों को मिली मंजूरी; रांची में 2028 से शुरू होगा मेडिकल कॉलेज और कैंसर रिसर्च सेंटर
आदित्यपुर में एमबीबीएस की सभी 200 सीटों पर दाखिला पूरा, पहले ही वर्ष पीजी की पांच शाखाओं में मिलीं 20 सीटें; पटना-बिहटा में भी पीजी की सीटें 74 से बढ़कर 118 हुईं
जमशेदपुर: नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2026 कॉलेज प्रबंधन के लिए उपलब्धियों से भरा रहा। बिहार और झारखंड में संस्थान को कुल 138 पीजी (पोस्ट ग्रेजुएट) सीटों की मंजूरी मिली है। वहीं, राजधानी रांची में वर्ष 2028 से मेडिकल कॉलेज के साथ अत्याधुनिक कैंसर रिसर्च सेंटर शुरू करने की दिशा में भी पहल तेज कर दी गई है।
शनिवार को कॉलेज प्रबंधन की ओर से आयोजित प्रेसवार्ता में इन उपलब्धियों की जानकारी दी गई। प्रबंधन ने बताया कि आदित्यपुर स्थित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सभी 200 सीटों पर इस वर्ष दाखिला पूरा हो चुका है। इसके साथ ही कॉलेज के लिए एक और बड़ी उपलब्धि यह रही कि प्रथम वर्ष में ही पीजी की पांच शाखाओं में चार-चार सीटों की स्वीकृति मिली है। इस प्रकार यहां पीजी की कुल 20 सीटें उपलब्ध हुई हैं।
वहीं, बिहार के पटना-बिहटा स्थित मेडिकल संस्थान में पहले पीजी की 74 सीटें थीं, जिन्हें बढ़ाकर अब 118 कर दिया गया है। झारखंड और बिहार में संस्थान की विभिन्न इकाइयों को मिलाकर पीजी की कुल स्वीकृत सीटों की संख्या 138 हो गई है। इससे मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में संस्थान की स्थिति और मजबूत होगी। साथ ही मेडिकल की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को विशेषज्ञता हासिल करने के अधिक अवसर मिलेंगे।
प्रबंधन ने बताया कि सीतबांतो देवी महिला कल्याण ट्रस्ट के माध्यम से चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में रांची के रामपुर में एनएच-33 पर मदन मोहन मेडिकल कॉलेज एंड कैंसर रिसर्च सेंटर की स्थापना की योजना को आगे बढ़ाया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत वर्ष 2028 से करने का लक्ष्य रखा गया है। यहां मेडिकल कॉलेज के साथ कैंसर रिसर्च सेंटर भी विकसित किया जाएगा, जिससे झारखंड और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को भविष्य में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।
प्रबंधन के अनुसार, संस्थान का उद्देश्य केवल मेडिकल शिक्षा का विस्तार करना नहीं, बल्कि क्षेत्र में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं और शोध सुविधाओं को भी मजबूत बनाना है। बिहार और झारखंड में मेडिकल शिक्षा के बढ़ते अवसरों के बीच यह पहल स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
प्रेसवार्ता में कॉलेज के चेयरमैन एमएम सिंह, प्राचार्य डॉ. केएन सिंह, एनेस्थीसिया विभाग के एचओडी डॉ. एएस कांत साहू, डॉ. नवीन कुमार, रेडियोलॉजी विभाग के डॉ. अभिषेक जायसवाल एवं डॉ. जयदेव सहित अन्य चिकित्सक और प्रबंधन के प्रतिनिधि उपस्थित थे।





