सड़क सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन सख्त, हाईवे से शहर तक प्रवर्तन कार्रवाई तेज करने का निर्देश
समाहरणालय सभागार में जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त श्री राजीव रंजन की अध्यक्षता में हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स तथा यातायात एवं सड़क सुरक्षा से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों एवं शहरी क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था, सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति, दुर्घटनाओं के कारणों, प्रवर्तन कार्रवाई तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े आवश्यक उपायों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात का सुचारु संचालन, अवैध पार्किंग पर नियंत्रण, सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने तथा दुर्घटना संभावित स्थलों पर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि राष्ट्रीय राजमार्गों एवं शहरी सड़कों पर नियमित निगरानी रखते हुए यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाए। सड़कों को अतिक्रमणमुक्त रखने के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी एवं यातायात डीएसपी को हाईवे के साथ-साथ मरीन ड्राइव या अन्य सड़कों में भी जहां भारी वाहनों का परिचालन होता है, निरंतर अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
मानगो बस स्टैंड में लंबे समय से खराब पड़े बसों की अवैध पार्किंग के मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने संबंधित बस संचालकों को नोटिस जारी करने तथा मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में अगले सात दिनों के भीतर बसों को हटाने की कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क एवं सार्वजनिक स्थलों पर अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों के कारण यातायात बाधित नहीं होना चाहिए।
सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा के दौरान सितंबर माह में हुई 32 दुर्घटनाओं में 23 लोगों की मृत्यु तथा 17 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई। समीक्षा में सामने आया कि अधिकांश दुर्घटनाओं में वाहन चालकों की लापरवाही प्रमुख कारण रही। विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के हेलमेट नहीं पहनने तथा यातायात नियमों की अनदेखी के मामलों पर चिंता जताई गई। समीक्षा में बताया गया कि बाइक दुर्घटनाओं से संबंधित मामलों में केवल एक मामले में चालक के हेलमेट पहने होने की जानकारी सामने आई, जबकि अन्य मामलों में हेलमेट का उपयोग नहीं करने अथवा अन्य लापरवाही की बात सामने आई।
उपायुक्त ने दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सड़क किनारे उगी झाड़ियों की छंटाई, दृश्यता में सुधार तथा दुर्घटना संभावित मार्गों पर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। पोटका-जादूगोड़ा, डिमना-पटमदा सहित अन्य चिन्हित सड़कों के किनारे झाड़ियों की छंटाई कराने का निर्देश आरसीडी के कार्यपालक अभियंता को दिया गया, ताकि वाहन चालकों को सड़क एवं आसपास की स्थिति स्पष्ट दिखाई दे और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो।
सड़क सुरक्षा नियमों के प्रभावी अनुपालन के लिए की गई प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा में बताया गया कि यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों में 236 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए हैं तथा कुल 15,78,050 रुपये का जुर्माना वसूला गया है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध नियमित जांच एवं दंडात्मक कार्रवाई जारी रखी जाए। साथ ही, दुर्घटना संभावित स्थलों पर आवश्यक साइनेज, सड़क सुरक्षा अवसंरचना में सुधार तथा आम नागरिकों के बीच यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए।
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए केवल प्रवर्तन कार्रवाई ही नहीं, बल्कि सड़क की स्थिति में सुधार, यातायात नियमों के प्रति जागरूकता और वाहन चालकों की जिम्मेदार भूमिका भी आवश्यक है। सभी संबंधित पदाधिकारी नियमित निगरानी रखते हुए दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सतत एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. ऐहतेशाम वकारिब, अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम श्री अर्नव मिश्रा, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री महेश्वरी प्रसाद यादव, अनुमंडल पदाधिकारी घाटशिला श्री अमिताभ भगत, यातायात डीएसपी, जिला शिक्षा अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग, एनएचएआई, आरसीडी, जुस्को सहित अन्य संबंधित विभागों एवं एजेंसियों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।





