आदिवासी बच्चों की शिक्षा के सहयोगार्थ 24 अक्टूबर को होगा हास्य नाटक ‘डैड्स गर्लफ्रेंड्स’ का मंचन
प्रसिद्ध कलाकार शैलेश लोढ़ा एवं उनकी टीम देंगे प्रस्तुति, एफटीएस जमशेदपुर चैप्टर की अनूठी पहल
जमशेदपुर। आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के वंचित बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहयोग देने के उद्देश्य से फ्रेंड्स ऑफ ट्राइबल्स सोसाइटी (एफटीएस), जमशेदपुर चैप्टर की ओर से एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को शाम 5 बजे बिष्टुपुर स्थित नरभेराम स्कूल के कुसुम कमानी ऑडिटोरियम में पारिवारिक हास्य नाटक ‘डैड्स गर्लफ्रेंड्स’ का मंचन होगा। प्रसिद्ध कलाकार शैलेश लोढ़ा एवं उनकी टीम इस नाटक की प्रस्तुति देंगे। नाटक के लेखक एवं निर्देशक अतुल सत्य कौशिक हैं।
लगभग दो घंटे तक चलने वाले इस नाटक के माध्यम से दर्शकों को मनोरंजन के साथ ही एक महत्वपूर्ण सामाजिक उद्देश्य से जुड़ने का अवसर मिलेगा। संस्था का उद्देश्य सांस्कृतिक कार्यक्रम के जरिए समाज के लोगों को आदिवासी बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक करना तथा एकल विद्यालयों के संचालन के लिए सहयोग जुटाना है।
एफटीएस जमशेदपुर चैप्टर के पदाधिकारियों ने प्रेस वार्ता में बताया कि कार्यक्रम के लिए सभी पास जारी किए जा चुके हैं। यह शहरवासियों के उत्साह और बच्चों की शिक्षा के लिए आयोजित इस सामाजिक पहल के प्रति उनके सहयोग को दर्शाता है।
देशभर में संचालित हो रहे लगभग 87 हजार एकल विद्यालय
फ्रेंड्स ऑफ ट्राइबल्स सोसाइटी एक सामाजिक संस्था है, जो ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले वंचित बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने के लिए कार्य करती है। संस्था के एकल विद्यालय कार्यक्रम के अंतर्गत दूरदराज के गांवों में एक शिक्षक के माध्यम से बच्चों को बुनियादी शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है। इसका उद्देश्य उन क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है, जहां शैक्षणिक सुविधाओं की उपलब्धता सीमित है।
संस्था से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, देशभर में लगभग 87 हजार एकल विद्यालय संचालित हो रहे हैं। वहीं, एफटीएस के जमशेदपुर चैप्टर के अंतर्गत लगभग 170 एकल विद्यालय चलाए जा रहे हैं। इन विद्यालयों में बच्चों को बुनियादी शिक्षा देने के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन, स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी जानकारी भी दी जाती है।
संस्था का मानना है कि शिक्षा के माध्यम से ही ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इसके लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है, ताकि आर्थिक और भौगोलिक कठिनाइयों के कारण कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
30 हजार रुपये में एक विद्यालय का सालाना संचालन
एफटीएस जमशेदपुर चैप्टर के अनुसार, एक एकल विद्यालय के संचालन पर लगभग 30 हजार रुपये प्रतिवर्ष खर्च होते हैं। वहीं, मात्र 1,500 रुपये के वार्षिक सहयोग से एक बच्चे की शिक्षा में योगदान दिया जा सकता है। संस्था ने शहर के नागरिकों, उद्योगपतियों, व्यवसायियों, सामाजिक संगठनों और अन्य जागरूक लोगों से इस अभियान में आगे आने की अपील की है।
पदाधिकारियों का कहना है कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का छोटा-सा सहयोग भी किसी जरूरतमंद बच्चे के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। आर्थिक सहयोग के माध्यम से एकल विद्यालयों के संचालन को मजबूती मिलेगी और अधिक से अधिक बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने में मदद मिलेगी।
मनोरंजन के साथ समाजसेवा का संदेश
‘डैड्स गर्लफ्रेंड्स’ नाटक के मंचन के जरिए एफटीएस जमशेदपुर चैप्टर मनोरंजन को समाजसेवा से जोड़ने का प्रयास कर रहा है। संस्था का उद्देश्य है कि सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से शहर के अधिक से अधिक लोग आदिवासी एवं ग्रामीण बच्चों की शिक्षा के अभियान से जुड़ें और उनके भविष्य को बेहतर बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम का विवरण
– नाटक: डैड्स गर्लफ्रेंड्स
– दिनांक: 24 अक्टूबर 2026, शनिवार
– समय: शाम 5 बजे
– स्थान: कुसुम कमानी ऑडिटोरियम, नरभेराम स्कूल, बिष्टुपुर, जमशेदपुर
– प्रस्तुति: शैलेश लोढ़ा एवं समूह
– लेखक एवं निर्देशक: अतुल सत्य कौशिक
एफटीएस जमशेदपुर चैप्टर की यह पहल शिक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी और सांस्कृतिक मनोरंजन को एक मंच पर लाने का प्रयास है, ताकि जरूरतमंद बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में समाज की भागीदारी बढ़ सके।




