छापेमारी के बाद अवैध खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप, जांच और आगे की कार्रवाई शुरू
बाघमारा/धनबाद। धनबाद के बाघमारा क्षेत्र में अवैध कोयला खनन और उसके भंडारण के खिलाफ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने कार्रवाई तेज कर दी है। केसरगढ़ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से किए जा रहे कोयला खनन की सूचना पर CISF की टीम ने छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध कोयला और खनन में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए।
कार्रवाई के दौरान सैकड़ों टन अवैध कोयला मौके पर मिला, जिसे जब्त कर लिया गया। इसके अलावा खनन गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा जनरेटर भी बरामद किया गया है। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध कोयला कारोबार से जुड़े लोगों के बीच हड़कंप की स्थिति बतायी जा रही है।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, CISF को केसरगढ़ इलाके में अवैध कोयला खनन और कोयले के संग्रहण की सूचना मिली थी। सूचना के सत्यापन के बाद टीम ने संबंधित क्षेत्र में अभियान चलाया। मौके पर पहुंचने के बाद टीम ने अवैध रूप से निकाले और जमा किए गए कोयले की जांच की तथा उसे जब्त करने की कार्रवाई की।
अवैध खनन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे उपकरणों की भी जांच की गई। इसी क्रम में जनरेटर को जब्त किया गया। अधिकारियों द्वारा बरामद कोयले की मात्रा और अन्य जब्त सामान का आकलन किया गया।
लगातार जारी है कोयला चोरी के खिलाफ अभियान
धनबाद कोयलांचल में अवैध कोयला खनन, चोरी, भंडारण और परिवहन के खिलाफ हाल के दिनों में CISF की कार्रवाई लगातार बढ़ी है। 30 सितंबर की एक अन्य कार्रवाई में बाघमारा के BCCL ब्लॉक-2 क्षेत्र में CISF ने जमुनिया नदी के पास छापेमारी कर करीब 30 टन अवैध कोयला जब्त किया था।
वहीं, सितंबर में धनबाद कोयलांचल में CISF के व्यापक अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में अवैध कोयला और वाहन जब्त किए जाने की रिपोर्टें सामने आई हैं।
जब्त कोयले की होगी आगे की कार्रवाई
केसरगढ़ में हुई कार्रवाई के बाद जब्त कोयले और उपकरणों को नियमानुसार सुरक्षित रखने तथा मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों द्वारा यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि अवैध खनन के पीछे कौन लोग शामिल हैं और निकाले गए कोयले को कहां खपाया जाना था।
प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की लगातार कार्रवाई के बावजूद कोयला क्षेत्रों में अवैध खनन की घटनाएं सामने आना चुनौती बना हुआ है। CISF और संबंधित एजेंसियां ऐसे क्षेत्रों में निगरानी और छापेमारी अभियान जारी रखे हुए हैं।






