चाकुलिया के सांकाभांगा-तसरीशोल क्षेत्र में साल के पेड़ों की कटाई का मामला, वन विभाग की निगरानी पर उठाए सवाल
जमशेदपुर/चाकुलिया। पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया प्रखंड में जंगलों से बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। इसी मुद्दे को लेकर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी ने राज्य सरकार और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को लेकर सरकार की व्यवस्था प्रभावी नहीं दिख रही है।
डॉ. गोस्वामी ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि उनके अनुसार पिछले कई वर्षों से राज्य में कोयला, बालू, पत्थर समेत विभिन्न प्राकृतिक संसाधनों की चोरी और अवैध दोहन की शिकायतें सामने आती रही हैं। अब जंगलों में पेड़ों की कटाई भी चिंता का विषय बन रही है। उन्होंने विशेष रूप से चाकुलिया के सांकाभांगा गांव के समीप जंगल में साल (सखुआ) के पेड़ों की कटाई का उल्लेख किया।
वन विभाग की निगरानी पर उठाया सवाल
डॉ. गोस्वामी ने कहा कि जिस क्षेत्र में पेड़ों की कटाई की बात सामने आई है, वह राष्ट्रीय राजमार्ग से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर बताया जा रहा है। उनका सवाल है कि इतनी कम दूरी पर जंगल में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई कैसे होती रही और संबंधित विभाग को इसकी जानकारी समय पर क्यों नहीं मिली।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में पेड़ों की कटाई और लकड़ी जब्ती की जानकारी तसरीशोल के पास रिजर्व फॉरेस्ट से भी सामने आई है। वन विभाग की टीम वहां काटे गए साल और चिरौंजी के पेड़ों के बोटे जब्त कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि पेड़ों की कटाई किसने की। विभाग के अनुसार प्रारंभिक जांच में ग्रामीणों द्वारा पेड़ काटे जाने की जानकारी मिली है, लेकिन मामले की जांच जारी है।
सैकड़ों पेड़ों के कटने की जांच
रिपोर्टों के मुताबिक तसरीशोल क्षेत्र में वन विभाग द्वारा काटे गए पेड़ों के बोटे ट्रैक्टरों से विभागीय कार्यालय लाए जा रहे हैं। अभी विभाग कुल काटे गए पेड़ों की संख्या और इसके पीछे जिम्मेदार लोगों के संबंध में अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा है।
चाकुलिया क्षेत्र के जंगल स्थानीय अर्थव्यवस्था और वन-आधारित आजीविका के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हैं। क्षेत्र में साल के जंगल बड़े भू-भाग में फैले हैं और ग्रामीण साल बीज सहित विभिन्न वन उत्पादों पर निर्भर रहते हैं।
मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग
डॉ. गोस्वामी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से राज्य में प्राकृतिक संसाधनों के कथित अवैध दोहन पर रोक लगाने तथा जंगलों में पेड़ों की कटाई को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है।
नोट: पेड़ों की कटाई को लेकर डॉ. गोस्वामी के आरोप राजनीतिक बयान के रूप में सामने आए हैं। दूसरी ओर, वन विभाग ने तसरीशोल क्षेत्र में कटे पेड़ों की जब्ती और मामले की जांच शुरू किए जाने की पुष्टि की है; कटाई के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान संबंधी जांच अभी जारी बताई गई है।






