नाबालिग से कथित दुष्कर्म और मॉब लिंचिंग मामले के बाद बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी, इलाके में निषेधाज्ञा
चतरा, 8 अगस्त। चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़गांव में नाबालिग से कथित दुष्कर्म और उसके बाद हुई मॉब लिंचिंग की घटना को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। मामले को लेकर अलग-अलग पक्षों की सक्रियता और राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ने के बाद प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ा कदम उठाया है। सिमरिया अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) ने बड़गांव और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-163 लागू कर दी है।
प्रशासन की ओर से जारी निषेधाज्ञा का उद्देश्य क्षेत्र में भीड़ जुटने, प्रदर्शन, जुलूस अथवा ऐसी किसी गतिविधि को रोकना है, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास नहीं करने की अपील की है।
घटना के बाद से बढ़ा तनाव
बताया जा रहा है कि बड़गांव में नाबालिग से कथित दुष्कर्म के आरोप के बाद मामला गंभीर रूप ले लिया था। इसके बाद कथित तौर पर भीड़ द्वारा कानून अपने हाथ में लेने की घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया। घटना को लेकर पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पुलिस बल की तैनाती बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्र में लोगों की गतिविधियों और संभावित भीड़ जुटने पर भी निगरानी रखी जा रही है।
भाजपा नेताओं के दौरे से बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
घटना के बाद भाजपा नेताओं ने भी बड़गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। भाजपा नेताओं ने पीड़ित पक्ष और स्थानीय लोगों से मुलाकात कर प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि मामले में एकतरफा कार्रवाई की जा रही है। नेताओं ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच और सभी पक्षों के साथ समान व्यवहार की मांग की।
भाजपा नेताओं के दौरे के बाद क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। प्रशासन को आशंका है कि मामले को लेकर विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से प्रदर्शन अथवा भीड़ जुटाने की कोशिश की जा सकती है। इसी को देखते हुए एहतियात के तौर पर धारा-163 लागू करने का निर्णय लिया गया है।
अफवाहों पर रोक और शांति बनाए रखने पर जोर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। लोगों से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से फैलने वाली अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करें और किसी भी प्रकार की भड़काऊ गतिविधि से दूर रहें।
प्रशासन और पुलिस पूरे मामले में संबंधित पक्षों से पूछताछ तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल बड़गांव और आसपास के इलाकों में प्रशासन की नजर बनी हुई है। धारा-163 लागू होने के बाद किसी भी प्रकार की भीड़, जुलूस या ऐसी गतिविधि पर रोक रहेगी, जिससे क्षेत्र की शांति और सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका हो। प्रशासन का प्रयास है कि मामले को राजनीतिक या सामुदायिक तनाव का रूप लेने से पहले स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सके।


