आज सिंहभूम मंडल में ‘राखी प्रतियोगिता’ के भव्य आयोजन को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक संपन्न हुई

​इस बैठक का विस्तृत और प्रभावशाली विवरण नीचे दिया गया है:
​🌟 बैठक की अध्यक्षता एवं मुख्य अतिथि
​यह उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक वरिष्ठ डाक अधीक्षक श्री उदयभान सिंह की गरिमामयी अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड परिमंडल के विपणन (Marketing) नोडल पदाधिकारी श्री अमित कुमार विशेष रूप से उपस्थित हुए।
​इसके साथ ही, बैठक में सिंहभूम मंडल की उप डाक अधीक्षक श्रीमती गुड़िया कुमारी सहित तीनों जिलों के सभी सहायक डाक अधीक्षक, डाक निरीक्षक और सभी अनुमंडलों के रिलेशनशिप मैनेजर (RMs) ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
​🏫 300 स्कूलों को जोड़ने का महा-अभियान: कोई भी बच्चा न छूटे
​बैठक में सिंहभूम मंडल के तहत आने वाले तीन प्रमुख जिलों—पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां—के लगभग 300 स्कूलों को चिन्हित किया गया है।
​अधिकारियों और प्रबंधकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक चिन्हित स्कूल का व्यक्तिगत रूप से दौरा करें।
​इस पावन प्रतियोगिता की जानकारी हर एक विद्यार्थी तक पहुंचाई जाए।
​लक्ष्य स्पष्ट है: क्षेत्र का एक भी स्कूल इस अनूठी प्रतियोगिता का हिस्सा बनने से छूटना नहीं चाहिए।
​🎖️ ‘रक्षा सूत्र’ की अनूठी सोच और सेना को नमन


​एक संवेदनशील पहल: बैठक में यह विशेष निर्णय लिया गया कि जिन बहनों के सगे भाई नहीं हैं, उन्हें देश की सीमाओं पर मुस्तैद भारतीय सेना के वीर जवानों को राखी भेजने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जो दिन-रात हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
​🏆 पुरस्कारों की बौछार: स्कूल से लेकर राज्य स्तर तक सम्मान
​प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए डाक विभाग द्वारा त्रि-स्तरीय (Three-tier) पुरस्कार योजना की घोषणा की गई है:
​स्कूल स्तर पर पुरस्कार:
​जिस स्कूल से 50 प्रतिभागी भाग लेंगे, वहां के 5 सर्वश्रेष्ठ राखी निर्माताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।
​जिस स्कूल से 100 से अधिक प्रतिभागी भाग लेंगे, वहां के 10 सर्वश्रेष्ठ बच्चों को भारत सरकार के डाक विभाग द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
​मंडल (Divisional) स्तर पर पुरस्कार:
​तीनों जिलों (पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां) को मिलाकर चुने गए शीर्ष 10 सर्वश्रेष्ठ प्रतियोगियों को सिंहभूम मंडल द्वारा विशेष रूप से पुरस्कृत किया जाएगा।
​राज्य (Perimandal) स्तर पर महा-पुरस्कार:
​पूरे झारखंड परिमंडल में सबसे उत्कृष्ट राखी बनाने वाले शीर्ष 10 प्रतिभागियों को माननीय मुख्य पोस्टमास्टर जनरल (Chief PMG) द्वारा विशेष प्रांतीय पुरस्कार से नवाजा जाएगा।
​👶 नन्हे-मुन्नों में संस्कारों का बीजारोपण
​इस अभियान का मुख्य केंद्र बिंदु प्राथमिक विद्यालय, मध्य विद्यालय, प्ले स्कूल और किडजी (Kidzee) जैसे संस्थान हैं। डाक विभाग का उद्देश्य है कि बहुत छोटी उम्र से ही बच्चों के भीतर भाई-बहन के निश्छल प्रेम, आपसी सौहार्द और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को रोपित किया जा सके।
​🏢 सोसायटियों में दस्तक और ‘चलंत डाकघर’ की सौगात
​डाक विभाग इस बार केवल स्कूलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आम जनमानस तक पहुंचने के लिए इसका विस्तार सोसायटियों और रिहायशी इलाकों में भी करने जा रहा है:
​सोसाइटी कैम्प: बड़ी और छोटी आवासीय सोसायटियों में रक्षाबंधन के इस विशेष आयोजन के लिए प्रस्ताव रखे गए हैं।
​द्वार पर स्पीड पोस्ट: बहनों की सुविधा के लिए सोसायटियों के भीतर ही स्पीड पोस्ट बुकिंग की सीधी व्यवस्था की जाएगी ताकि राखियां समय पर पहुंच सकें।
​चलंत बुकिंग कियॉस्क (Mobile Kiosks): त्योहार के दौरान विभिन्न व्यस्त और प्रमुख स्थानों पर ‘चलंत डाकघर’ (Mobile Post Offices) और विशेष बुकिंग कियॉस्क तैनात किए जाएंगे, जो पूरी तरह से देश की बहनों की सुविधा के लिए समर्पित होंगे।
​यह बैठक सिंहभूम मंडल में डाक विभाग की सेवा भावना, सांस्कृतिक चेतना और सामुदायिक जुड़ाव को एक नए शिखर पर ले जाने का संकल्प सिद्ध हुई।

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