कोलकाता: पश्चिम बंगाल में राजनीतिक सकंट का सामना कर रही तृणमूल कांग्रेस को सोमवार को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब राज्यसभा सदस्य सुखेंदु शेखर राय ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और साथ ही संसद के उच्च सदन की सदस्यता भी छोड़ दी.
तृणमूल के वरिष्ठ नेता एवं संसद में पार्टी की सबसे मुखर आवाजों में से एक रहे राय ने राज्यसभा के सभापति को अपना इस्तीफा सौंपा और साथ ही ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पार्टी छोड़ने का ऐलान किया.
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब तृणमूल अंदरूनी खींचतान से गुजर रही है. पार्टी के विधायी दल में विद्रोह और विभिन्न गुटों के बीच बढ़ते तनाव ने संगठन को हिलाकर रख दिया है.
पार्टी के वरिष्ठ राज्यसभा सदस्य सुखेंदु शेखर रॉय ने शुक्रवार को संकेत दिया कि हाल में विधायकों के विद्रोह का असर पार्टी के सांसदों पर भी पड़ सकता है. अपने इस्तीफे में राय ने कहा कि वे अपनी संसद सदस्यता छोड़ रहे हैं और तृणमूल से अपना नाता तोड़ रहे हैं.
रॉय का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब कुछ दिन पहले ही तृणमूल कांग्रेस विधायकों के एक बड़े समूह ने विधानसभा में पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विधायक दल पर प्रभावी नियंत्रण हासिल कर लिया था. इसे तृणमूल कांग्रेस के गठन के बाद से उसका सबसे बड़ा संगठनात्मक संकट माना जा रहा है.






