एसबीआई एटीएम गार्डों का हंगामा ,नई एजेंसी पर पुराने गार्डों को हटाने और महिला गार्ड से मारपीट का आरोप
जमशेदपुर: शहर में एसबीआई एटीएम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विवाद गहरा गया है। एसबीआई एटीएम में वर्षों से कार्यरत पुराने सुरक्षा गार्डों ने नई एजेंसी सीआईएसएस सर्विसेज लिमिटेड पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूर्वी सिंहभूम के वरीय आरक्षी अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है। गार्डों ने आरोप लगाया है कि नई एजेंसी द्वारा आपराधिक प्रवृत्ति के युवकों की मदद से पुराने गार्डों को जबरन हटाया जा रहा है। साथ ही महिला गार्डों के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की घटनाएं भी सामने आई हैं।
गार्डों ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि वे पहले डब्ल्यूवीएसओ इंटरप्राइजेज लिमिटेड एजेंसी के तहत एसबीआई एटीएम में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत थे। एजेंसी बदलने के बाद नई एजेंसी सीआईएसएस सर्विसेज लिमिटेड ने पुराने गार्डों को हटाकर नए लोगों की नियुक्ति शुरू कर दी है। इससे लंबे समय से कार्यरत गार्डों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।
गार्डों का कहना है कि इस मामले को लेकर वे पहले भी श्रम अधीक्षक, उपायुक्त समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों और झारखंड सरकार को पत्र लिख चुके हैं। इसके अलावा एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक से भी मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया गया था। गार्डों के अनुसार, बैंक प्रबंधन की ओर से समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद सभी पुराने गार्डों ने लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण धरना देने का निर्णय लिया। गार्डों का आरोप है कि धरना के दौरान नई एजेंसी से जुड़े कुछ असामाजिक तत्व मौके पर पहुंचे और महिला गार्ड के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट की। इस घटना के बाद गार्डों में भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोहराई गईं तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
गार्डों ने प्रशासन से मांग की है कि नई एजेंसी द्वारा नियुक्त किए गए सुरक्षा गार्डों के चरित्र प्रमाण पत्रों की जांच कराई जाए। उनका आरोप है कि कई नए गार्ड झारखंड राज्य के बाहर के निवासी हैं और उनकी पृष्ठभूमि की जांच किए बिना उन्हें संवेदनशील सुरक्षा कार्यों में लगाया जा रहा है।
इस संबंध में कुमोद कुमार ने बताया कि एसबीआई एटीएम में लगभग 150 सुरक्षा गार्ड कार्यरत हैं और सभी अपने रोजगार एवं सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।







