जमशेदपुर: रंगदारी नहीं देने पर मनीष सिंह गैंग ने कपड़ा दुकान में की फायरिंग, 4 हथियार के साथ 6 अपराधी गिरफ्तार
जमशेदपुर के जुगसलाई थाना क्षेत्र में कपड़ा कारोबारी से रंगदारी मांगने और इलाके में वर्चस्व कायम करने के उद्देश्य से की गई फायरिंग मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में मनीष सिंह गिरोह से जुड़े कुल छह अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से चार अवैध देशी पिस्तौल, पांच जिंदा गोली, तीन खाली मैगजीन, एक खोखा, घटना में इस्तेमाल की गई कार तथा छह मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। बुधवार को सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
इस पूरे मामले की जानकारी सिटी एसपी ललित मीणा ने प्रेस वार्ता कर दी। उन्होंने बताया कि रंगदारी नहीं मिलने और क्षेत्र में अपना दबदबा बनाने के लिए अपराधियों ने इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार छह आरोपियों में से चार का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है।
बताया जा रहा है कि 15 मई की दोपहर जुगसलाई नगर परिषद बाजार स्थित “यूनिक कलेक्शन” नामक कपड़ा दुकान में बदमाश घुस गए थे। अपराधी कार से पहुंचे थे और दुकान के अंदर फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश की थी। घटना में कपड़ा कारोबारी दिनेश बेरिया बाल-बाल बच गए थे। फायरिंग के बाद पूरे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।
घटना के बाद कारोबारी के बयान पर जुगसलाई थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके आधार पर अपराधियों की पहचान की गई। जांच में पता चला कि सभी आरोपी मनीष सिंह गिरोह से जुड़े हुए हैं। पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि अपराधियों ने कारोबारी से पहले रंगदारी की मांग की थी। पैसे देने से इनकार करने पर आरोपियों ने गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया।
पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल पांच अपराधियों को बर्मामाइंस थाना क्षेत्र स्थित रेलवे यार्ड से गिरफ्तार किया, जबकि एक आरोपी को जुगसलाई के पवट मोहल्ला से पकड़ा गया। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
सिटी एसपी ने कहा कि शहर में रंगदारी और आपराधिक गतिविधियों में शामिल गिरोहों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और ऐसे अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।






