जमशेदपुर में रामनवमी अखाड़ा जुलूस: देर रात तक गूंजते रहे जय श्रीराम के नारे, दिखे हैरतअंगेज करतब

जमशेदपुर में रामनवमी अखाड़ा जुलूस: देर रात तक गूंजते रहे जय श्रीराम के नारे, दिखे हैरतअंगेज करतब
जमशेदपुर में रामनवमी के पावन अवसर पर निकाले गए अखाड़ा जुलूस ने पूरे शहर को भक्तिमय माहौल में रंग दिया। रविवार को दोपहर करीब 2 बजे से शुरू हुआ यह भव्य जुलूस देर रात तक चलता रहा, जिसमें हजारों श्रद्धालु सड़कों पर डटे रहे। शहर के विभिन्न अखाड़ा समितियों द्वारा डंका बजाते हुए “जय श्रीराम” के गगनभेदी नारों के साथ जुलूस निकाला गया, जिससे पूरा वातावरण राममय हो गया।
अखाड़ा जुलूस में शामिल कमेटियों के सदस्यों ने अपने पारंपरिक कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। लाठी, तलवार और अन्य पारंपरिक हथियारों के साथ युवाओं ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों का मन मोह लिया। इसके अलावा कई समितियों द्वारा आकर्षक झांकियां भी प्रस्तुत की गईं, जो धार्मिक और सांस्कृतिक संदेश दे रही थीं।

प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती रही, ताकि जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। पूर्वी सिंहभूम जिला के उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक स्वयं साकची स्थित कंट्रोल रूम में मौजूद रहकर पूरे शहर के प्रमुख चौक-चौराहों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कर रहे थे। इससे सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही थी और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा।
जानकारी के अनुसार, पूर्वी सिंहभूम जिले में इस वर्ष कुल 213 लाइसेंसी और 70 गैर-लाइसेंसी अखाड़ा जुलूस निकाले गए। हर अखाड़ा अपने पारंपरिक अंदाज और अनुशासन के साथ जुलूस में शामिल हुआ, जिससे आयोजन और भी भव्य बन गया।
शहर से सटे पंचायत क्षेत्रों में भी अखाड़ा जुलूस का उत्साह देखने को मिला। खासतौर पर वहां लड़कियों ने आग के साथ खेलते हुए साहसिक करतब दिखाए, जिसने लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया। महिलाओं और युवतियों की इस सक्रिय भागीदारी ने आयोजन में नई ऊर्जा का संचार किया।
इस दौरान सामाजिक सौहार्द की भी शानदार मिसाल देखने को मिली। अखाड़ा जुलूस में हिंदू-मुस्लिम एकता का अनूठा दृश्य सामने आया, जहां मुस्लिम समुदाय के लोग भी गले में भगवा गमछा डालकर जुलूस में शामिल हुए और अखाड़ा खेल में भाग लिया। इसने आपसी भाईचारे और एकता का संदेश दिया।
कुल मिलाकर, जमशेदपुर में रामनवमी का अखाड़ा जुलूस भव्य, अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं के उत्साह, पारंपरिक प्रदर्शन और प्रशासन की सतर्कता ने इस आयोजन को सफल और यादगार बना दिया।

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