Chakradharpur: उपकरणों की चोरी से थमी रफ्तार : चक्रधरपुर रेल मंडल में ट्रेनें लेट, डीआरएम का बड़ा खुलासा

उपकरणों की चोरी से थमी रफ्तार : चक्रधरपुर रेल मंडल में ट्रेनें लेट, डीआरएम का बड़ा खुलासा

दक्षिण पूर्व रेलवे चक्रधरपुर रेल मंडल में ट्रेनों की लगातार देरी के पीछे अब चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई हैं, या फिर ट्रेनों की लेट लतीफ का लगातार हो रही विरोध के कारण जनता को एक बार फिर भ्रमित करने का नया प्लान बना है? बहरहाल रविवार को चक्रधरपुर रेल मंडल में छुट्टी का दिन होने के बाद भी मंडल के डीआरएम तरुण हुरिया ने संवाददाता सम्मेलन कर खुलासा किया हैं, कि सिग्नलिंग सिस्टम की लगातार हो रही चोरी ने पूरे रेल परिचालन को संकट में डाल दिया है। चोरों के आतंक से न सिर्फ ट्रेनें लेट हो रही हैं, बल्कि रेल सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। बता दें कि पूरे रेल मंडल में यात्री ट्रेनें 10 घंटे तक लेट चलती है, जिससे यात्री काफी परेशान हैं। चक्रधरपुर रेल मंडल में ट्रेन के प्रवेश करते ही ट्रेन लेट हो जाती है।डीआरएम ने यह बातें चक्रधरपुर रेल मंडल मुख्यालय में कहीं। उन्होंने बताया कि मंडल के कई स्टेशनों के आसपास सिग्नलिंग सिस्टम को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है, जिससे तकनीकी व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। चोरी की घटनाओं के कारण सिग्नल सिस्टम फेल होने की स्थिति बन रही है, जो किसी बड़े रेल हादसे का कारण भी बन सकती है। डीआरएम ने ताज़ा घटना का जिक्र करते हुए बताया कि 9 जनवरी की देर रात करीब एक बजे सीनी के पास ऑटो सिग्नलिंग सिस्टम में चोरी की गई। अज्ञात चोरों ने सिग्नलिंग गुमटी की दीवार तोड़कर भीतर घुसपैठ की और कीमती तार व बैटरियां चुरा लीं। इस घटना के बाद पूरे सेक्शन में ट्रेन संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ। उन्होंने बताया कि आदित्यपुर, गम्हरिया, बंडामुंडा, सिनी और डोंगवापोशी जैसे इलाकों में लगभग हर सप्ताह सिग्नल के उपकरणों की चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं। लगातार हो रही इस तरह की वारदातों से न केवल ट्रेनों की समय-सारिणी बिगड़ रही है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है। हालांकि, ताज़ा मामले में आरपीएफ ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और जल्द खुलासे का भरोसा दिया है। प्रेस वार्ता में डीआरएम ने साफ शब्दों में कहा कि
“हम लोडिंग के पीछे नहीं भाग रहे हैं, हम इस वक्त लोडिंग में पीछे चल रहे हैं। हमारा पूरा फोकस ट्रेनों को समय पर और सुरक्षित चलाने पर है। इसी वजह से मंडल में कुछ समय के लिए विकास कार्यों पर भी ब्रेक लगाया गया है।उन्होंने यह भी माना कि हाथियों की आवाजाही और घना कोहरा ट्रेन संचालन के लिए अतिरिक्त चुनौती बने हुए हैं। हालांकि नई तकनीकों के जरिए इन समस्याओं से निपटने के प्रयास जारी हैं। पैसेंजर और मेमू ट्रेनों के रद्द होने के सवाल पर डीआरएम ने कहा कि इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जा रहा है और यात्रियों को बेहतर सुविधा देने की दिशा में हर संभव कोशिश की जा रही है। कुल मिलाकर चक्रधरपुर रेल मंडल में ट्रेनों की देरी की असली वजह अब सामने हैं। चोरों का आतंक, जिसने रेल सिस्टम की नसों पर ही वार कर दिया है। बता दें 52 सप्ताह में 34 चोरी की घटनाएं घटित हुई है। इसमें रेलवे सुरक्षा बल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा गया है।

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