मनरेगा योजना का नाम बदलने के विरोध में झामुमो का एकदिवसीय धरना
जमशेदपुर।
केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलने के प्रस्ताव के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से शुक्रवार को जमशेदपुर जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना दिया गया। धरना में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता एवं सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।
धरना में मुख्य रूप से घाटशीला विधायक सोमेश सोरेन, झामुमो के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल सारंगी, जिला प्रवक्ता मोहन कर्मकार, नगर संयोजक बगराई मार्डी, वरिष्ठ नेता प्रमोद लाल सहित बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता मौजूद रहे।
धरना को संबोधित करते हुए नेताओं ने एक स्वर में केंद्र सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध किया। नेताओं का कहना था कि मनरेगा योजना गरीबों और ग्रामीणों के लिए एक ऐतिहासिक और जनकल्याणकारी योजना है, जिसका नाम बदलने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मनरेगा अपने वर्तमान नाम से ही जानी जानी चाहिए।
घाटशीला विधायक सोमेश सोरेन ने कहा कि यदि केंद्र सरकार मनरेगा योजना का नाम बदलने पर अड़ी रहती है, तो झामुमो सड़क से लेकर सदन तक इसका विरोध करेगी। वहीं प्रदेश प्रवक्ता कुणाल सारंगी ने कहा कि यह केवल नाम बदलने का मामला नहीं है, बल्कि गरीबों के अधिकारों पर हमला है।
धरना में मौजूद नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना का नाम बदला, तो गांव से लेकर केंद्र तक व्यापक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस उग्र आंदोलन के दौरान होने वाली किसी भी क्षति की पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी।






