इनकैब में वेदांता के प्रमोटर बनने पर कर्मचारियों में आक्रोश, एनसीएलटी के फैसले पर उठे सवा
विश्व स्तर की केबल निर्माण कंपनी इनकैब में नए प्रमोटर के रूप में वेदांता समूह के आने के बाद कंपनी के कर्मचारियों और मजदूरों के बीच भारी आक्रोश देखा जा रहा है। इस पूरे मामले को लेकर कंपनी का पक्ष रखने और मजदूरों के हितों की पैरवी करने वाले अधिवक्ता ने राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) में आए फैसले पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
अधिवक्ता ने बताया कि एनसीएलटी में जो फैसला आया है, वह पूरी तरह से एसेट (संपत्ति) के आधार पर लिया गया है, जबकि मजदूरों के हित और उनके पक्ष को न्यायालय ने गंभीरता से नहीं सुना। उनका कहना है कि इसी कारण यह फैसला वेदांता समूह के पक्ष में गया।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि न्यायालय ने 2016 में आए पूर्व निर्णय को आधार बनाकर फैसला किया होता, तो इससे मजदूरों के हितों की बेहतर रक्षा हो सकती थी और उनका भविष्य सुरक्षित रहता।
इस फैसले के बाद कंपनी के कर्मचारियों में असंतोष और चिंता का माहौल है, वहीं मजदूर संगठनों द्वारा आगे की कानूनी और आंदोलनात्मक रणनीति पर विचार किया जा रहा है।






