CRITMET 2025 में विशेषज्ञों ने क्रिटिकल मेटल निष्कर्षण, सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय नीति पर किया मंथन
CSIR-नेशनल मेटालर्जिकल लेबोरेटरी द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन CRITMET 2025 में क्रिटिकल धातुओं के वितरण और लाभन (beneficiation) के साथ-साथ सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय नीति पर भी गहन चर्चा हुई। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और भू-राजनीति में क्रिटिकल मेटल्स की भूमिका को देखते हुए ये विचार-विमर्श अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। मुख्य वक्तव्य (कीनोट लेक्चर) स्वीडन के KTH संस्थान की प्रो. कुर्स्टिन फोर्सबर्ग द्वारा दिया गया, जो क्रिस्टलाइजेशन और प्रीसिपिटेशन तकनीकों की विशेषज्ञ हैं। उन्होंने क्रिटिकल रॉ मटेरियल प्रोसेसिंग में इन तकनीकों द्वारा उपलब्ध अवसरों और चुनौतियों पर प्रकाश डाला।
वहीं, प्लेनरी लेक्चर MIT, USA के प्रो. अमिल्टन बारबोसा बोटेल्हो जूनियर द्वारा “क्रिटिकल मेटल्स के पृथक्करण हेतु सपोर्टेड लिक्विड मेम्ब्रेन और इलेक्ट्रोडायलिसिस के संयोजन” विषय पर प्रस्तुत किया गया। सत्रों में GMDC, TCS, Tata Steel और S&P Global जैसी उद्योग संगठनों के विशेषज्ञों ने भी अपने अनुभव साझा किए। सम्मेलन में शोध संस्थानों, उद्योगों और नीति-निर्माण से जुड़े 275 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जो क्रिटिकल मेटल्स के क्षेत्र को समृद्ध बना रहे हैं। कार्यक्रम में क्रिटिकल मिनरल्स से संबंधित अत्याधुनिक तकनीकों की प्रदर्शनी भी शामिल है, साथ ही नवीनतम अनुसंधान को प्रदर्शित करने वाले पोस्टर सत्र का भी आयोजन किया गया है।





