एग्रिको दुर्गा पूजा पंडाल उद्घाटन समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास जी का सम्पूर्ण संबोधन :
जमशेदपुर की धरती अपने आप में एक गौरवशाली इतिहास समेटे हुए है। जिस समय देश में औद्योगिक विकास की कल्पना भी कठिन थी, उस समय जमशेदजी टाटा ने भारत का पहला स्टील प्लांट यहीं, इस पावन धरती पर स्थापित किया था। यह केवल एक औद्योगिक पहल नहीं थी, बल्कि स्वदेशी आत्मनिर्भर भारत की दिशा में पहला सशक्त कदम था।
आज उसी ऐतिहासिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए एग्रिको दुर्गा पूजा कमिटी ने मजदूरों के हाथों से बने स्टील के भव्य पंडाल का निर्माण किया है। इस अद्भुत कला और उत्कृष्ट फिनिशिंग के लिए मैं एग्रिको पूजा कमिटी को हृदय से बधाई देता हूँ। यह केवल एक पंडाल नहीं, बल्कि स्वदेशी और स्वावलंबन का सशक्त संदेश है। जिस स्टील से देश की औद्योगिक नींव रखी गई थी, आज उसी स्टील से माँ दुर्गा के पूजन का भव्य स्थल सजा है। यह दृश्य हमारे स्वाभिमान और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।
मां दुर्गा की पूजा शक्ति की उपासना है। शारदीय नवरात्र के इन पावन दिनों में हम देवी के नौ रूपों की आराधना करते हैं, जिससे हमें ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मक शक्ति प्राप्त होती है। हमारे पूर्वजों ने वर्ष के 365 दिनों में विविध पर्व-त्योहारों की परंपरा इसलिए बनाई, ताकि समाज के हर वर्ग , गृहिणी से लेकर मजदूर तक, छात्र से लेकर व्यापारी तक के जीवन में उल्लास और नवचेतना का संचार होता रहे। यही उत्सव जीवन में जोश भरते हैं और हमें नई ऊर्जा के साथ कर्म में लगने की प्रेरणा देते हैं।
मां दुर्गा नारी शक्ति का प्रतीक हैं। हमारे शास्त्रों में सिंह पर आरूढ़ देवी का स्वरूप यह बताता है कि इस संसार में सबसे बड़ी शक्ति नारी है। भारतीय संस्कृति विश्व की एकमात्र ऐसी संस्कृति है जहाँ हम देवी की पूजा करते हैं, नारी को शक्ति का स्रोत मानते हैं। अन्य पंथों में ईश्वर का स्वरूप पुरुष है, परंतु भारतवर्ष में हम स्त्री को देवी स्वरूप में पूजते हैं।
परिवार, समाज और राष्ट्र, इन तीनों की आधारशिला नारी शक्ति है। पुरुष धन अर्जित कर सकता है, परंतु परिवार को एकसूत्र में बाँधने, बच्चों का लालन-पालन करने, घर की व्यवस्था और समाज में कुटुंब व्यवस्था बनाए रखने का कार्य हमारी बहनें, माताएँ और बेटियाँ करती हैं।
आज आवश्यकता है कि हम इस नारी शक्ति का सम्मान करें, उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करें। समाज में जो विकृतियाँ आई हैं जैसे महिलाओं और बालिकाओं के प्रति अपराध, ये किसी भी सभ्य समाज के लिए अशोभनीय हैं। माँ दुर्गा से मेरी प्रार्थना है कि वे ऐसे लोगों को सद्बुद्धि प्रदान करें।
हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने भी स्पष्ट कहा है कि बिना नारी शक्ति के भारत आगे नहीं बढ़ सकता। आज हमारी बेटियाँ खेल के मैदान में भारत को ओलंपिक में पदक दिला रही हैं, फाइटर प्लेन उड़ा रही हैं, सीमाओं पर दुश्मनों से लोहा ले रही हैं। यही सशक्त नारी आज के नए भारत की ऊर्जा है।
माँ दुर्गा से प्रार्थना है कि वे 144 करोड़ भारतीयों को, आदरणीय प्रधानमंत्री जी को, और हम सभी को शक्ति प्रदान करें। जिस प्रकार भारत ने अध्यात्म के क्षेत्र में विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, उसी प्रकार स्वदेशी और स्वावलंबन के बल पर हम शीघ्र ही आर्थिक क्षेत्र में भी विश्व की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में स्थान बनाने जा रहे हैं। आज वह ब्रिटेन, जिसने हमें 200 वर्षों तक गुलाम बनाए रखा, आर्थिक रूप से हमसे पीछे है, यह नए भारत की शक्ति का प्रतीक है।
आइए, इस दुर्गा पूजा के पावन पर्व पर हम सभी नारी शक्ति के सम्मान, स्वदेशी की भावना और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लें।






