स्वच्छता ही सेवा 2025’ (17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025) एवं स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 की तैयारी पर बैठक

‘स्वच्छता ही सेवा 2025’ (17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025) एवं स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 की तैयारी पर बैठक — पर्यावरण-अनुकूल दुर्गा पूजा पंडाल, फूलों के कचरे का पुनः उपयोग, स्रोत-स्तर पर कचरा पृथक्करण और पूजा विशेष कचरा संग्रहण वाहन की व्यवस्था पर जोर

जमशेदपुर, [9 September 2025
आज उप नगर आयुक्त श्री कृष्ण कुमार की अध्यक्षता में टाटा यूआईएसएल (Tata UISL) और स्वच्छ भारत मिशन (SBM) के नोडल अधिकारी के साथ उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक चलने वाले ‘स्वच्छता ही सेवा 2025’ अभियान की प्रभावी रणनीति बनाना और स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के लिए व्यापक तैयारी करना था।

बैठक में इस वर्ष दुर्गा पूजा के अवसर पर ग्रीन और पर्यावरण-अनुकूल पूजा पंडालों को बढ़ावा देने, फूलों के कचरे के वैज्ञानिक निपटान और पुनः उपयोग, और कचरे का स्रोत-स्तर पर पृथक्करण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। उप नगर आयुक्त ने कहा कि पूजा समितियों को प्लास्टिक और थर्मोकोल के उपयोग को प्रतिबंधित करने और सजावट व मूर्ति विसर्जन में पर्यावरण-सुरक्षित सामग्री अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

इसके साथ ही इस वर्ष से पूजा विशेष कचरा संग्रहण वाहन (Puja Special Waste Collection Vehicle) शहर के विभिन्न पूजा पंडालों और प्रमुख स्थलों से कचरा उठाने के लिए तैनात किए जाएंगे। इन वाहनों के माध्यम से फूलों के कचरे को कम्पोस्ट और जैव-उर्वरक में बदलने के लिए अलग से संग्रहित किया जाएगा, जबकि गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग निपटान के लिए एकत्र किया जाएगा।

बैठक के मुख्य बिंदु:
✅ स्वच्छता ही सेवा 2025 अभियान: 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक विशेष सफाई अभियान
✅ स्वच्छ सर्वेक्षण 2026: मानकों को ध्यान में रखते हुए अग्रिम तैयारी
✅ ग्रीन दुर्गा पूजा पंडाल: प्लास्टिक/थर्मोकोल पर रोक, पर्यावरण-सुरक्षित सजावट
✅ पूजा विशेष कचरा संग्रहण वाहन: पंडालों से फूल और अन्य कचरे का अलग-अलग संग्रहण
✅ फूलों के कचरे का पुनः उपयोग: कम्पोस्ट, जैव-उर्वरक और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों का निर्माण
✅ स्रोत-स्तर पर कचरा पृथक्करण: हर घर, दुकान, और पंडाल में लागू
✅ जागरूकता अभियान और नागरिक सहभागिता को प्राथमिकता

बैठक में टाटा यूआईएसएल टीम, SBM नोडल अधिकारी और नगर प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) का संकल्प है कि शहर को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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