पुतुरू संघर्ष समिति ने नम आंखों से दी पूर्व शिक्षा मंत्री झारखंड सरकार स्वर्गीय रामदास सोरेन को श्रद्धांजलि।

पुतुरू संघर्ष समिति ने नम आंखों से दी पूर्व शिक्षा मंत्री झारखंड सरकार स्वर्गीय रामदास सोरेन को श्रद्धांजलि। संघर्ष समिति अपने निजी खर्चे निजी जमीन पर स्थापित करेगा माननीय मंत्री की प्रतिमा

घाटशिला विधानसभा अंतर्गत गालूडीह टोल प्लाजा पर पुतुरु संघर्ष समिति के द्वारा आज पूर्व शिक्षा मंत्री झारखंड सरकार सह विधायक घाटशिला स्वर्गीय रामदास सोरेन की नाम आंखों से दी गई श्रद्धांजलि ।
जैसा कि ज्ञात होगा विगत 6 वर्ष पहले NHAI द्वारा यहां एक टोल प्लाजा बनाया गया। जिसके आड़ में व्यावसायिक गतिविधि के लिए 21 एकड़ जमीन का अधिकरण पेपर में निकल गया। जिसके लिए ना तो ग्राम सभा सहमति जरुरी समझी गई ना ही ग्रामीणों की मांगे । इसके बाद ग्रामीणों और किसानों ने मिलकर अपनी जमीन न देने के लिए संघर्ष करना शुरू किया।जिसके लिए कई तरह के धरने से लेकर कई तरह के उग्र आंदोलन के साथ-साथ टोल प्लाजा को बंद भी कर दिया गया था। उसके बाद यह मामला विधायक घाटशिला रामदास सोरेन को भी इस मामले से अवगत कराया गया । घाटशिला विधायक स्वर्गीय रामदास सोरेन इस मामले में पूर्ण रूप से किसानों के पक्ष में आए। इसके बाद किसानों ने ठान लिया कि किसी भी हालत में व्यावसायिक उपयोग के लिए कम दर पर जमीन नहीं दी जाएगी जमीन का मूल्य बढ़ाने के लिए आर्बिट्रेशन भी किया गया। जिसमें मात्र ₹924 प्रति डिसमिल ही मुआवजा बढ़कर तय हो पाया इसके बाद किसानों ने ठान लिया कि किसी भी तरह उनकी रोजी रोजगार की जमीन को व्यावसायिक उपयोग में नहीं दिया जाएगा चाहे उसके लिए कुछ भी करना पड़े। इस आंदोलन में स्वर्गीय विधायक रामदास सोरेन भी लग रहे और उनके मार्गदर्शन पर किसानों ने अपने आंदोलन के रूप रेखा तैयार किया। अतः 2023 में विधायक द्वारा पंचायती राज समिति के अध्यक्ष होने के नाते विधानसभा में इस बात को उठाकर NHAI से लिखित रूप में लिया गया कि यह जमीन उनको छोड़ना होगा ऐसे भी यह टोल प्लाजा कई तरह के विवादों से घिरा हुआ है । वर्तमान नियम के अनुसार 60 किलोमीटर से पहले कोई दूसरा टोल प्लाजा नहीं होना चाहिए लेकिन कोकपाड़ा टोल प्लाजा से महज 32 किलोमीटर में यह टोल प्लाजा है दूसरी ओर पाटा टोल प्लाजा से महज 48 किलोमीटर में यह टोल प्लाजा है जो कि नियमों की भी अनदेखी दर्शाता है ।

2023 मैं लिखित रूप से NHAI ने माना कि उसको अब बाकी की जमीन की जरूरत नहीं है।
इसके बाद विधायक स्वर्गीय रामदास सोरेन के नेतृत्व में यह जमीन किसनो की हित में अपने-अपने कार्य खेती-बाड़ी मकान दुकान और व्यवसाय कर परिवार का भरण पोषण करने के लिए दे दिया गया।

पतुरू संघर्ष समिति के अध्यक्ष चंदन कुमार कहते हैं कि स्वर्गीय रामदास सोरेन हम लोगों के लिए भगवान से काम नहीं। इसलिए पुतुरू संघर्ष समिति ने उनकी प्रतिमा को अपने निजी खर्च एवं निजी जमीन पर स्थापित करने का निर्णय लिया है। ताकि स्वर्गीय रामदास सोरेन हमारे दिलों में हमेशा जिंदा रहे।

इस श्रद्धांजलि सभा में पुतुरु संघर्ष समिति के चंदन कुमार खोखोन महतो विश्वजीत महतो चंद्रकांत महतो राम सोरेन दुखु सोरेन हेंम सोरेन लखन सोरेन सारथी टुडू दुलाल सोरेन रमेश सोरेन छोटा सोरेन दसमत सोरेन भादो सोरेन उदय सोरेन दुलाल सोरेन रमेश सोरेन ज्ञान सोरेन मोगला सोरेन धारणी सोरेन बाबूराम सोरेन सपन महतो ऋषि महतो विपुल महतो झारखंड मुक्ति मोर्चा के पूर्व घाटशिला प्रखंड अध्यक्ष वकील हेमराम एवं बादल उपस्थित थे।

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