एक्सएलआरआई जमशेदपुर ने राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस 2025 को अभिनंदन, शुभारंभ और प्रेरक संदेशों के साथ मनाया
जमशेदपुर, 13 अगस्त 2025: एक्सएलआरआई – जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्थित सर जहांगीर गांधी पुस्तकालय ने पुस्तकालयों, पुस्तकालय पेशेवरों और ज्ञान साझा करने की संस्कृति की अमूल्य भूमिका का सम्मान करते हुए एक जीवंत समारोह के साथ राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस 2025 मनाया।
इस कार्यक्रम में निदेशक डॉ. (फादर) सेबेस्टियन जॉर्ज, एसजे, डीन – प्रशासन एवं वित्त, डॉ. (फादर) डोनाल्ड डिसिल्वा, एसजे, डीन – अकादमिक, डॉ. संजय पात्रो और वित्त क्षेत्र के अध्यक्ष डॉ. एच. के. प्रधान उपस्थित थे। पुस्तकालय प्रमुख श्री डी. टी. एडविन और समर्पित पुस्तकालय टीम ने कार्यक्रम की मेजबानी की, जिसमें भाषण, उत्कृष्ट उपयोगकर्ताओं का अभिनंदन, नई डिजिटल पहलों का शुभारंभ और पुरस्कार वितरण शामिल थे।
मुख्य आकर्षण:
● लॉन्च:
o एक्सएलआरआई लाइब्रेरी ऐप – डॉ. (फादर) सेबेस्टियन जॉर्ज, एसजे, निदेशक द्वारा उद्घाटन
o एक्सएलआरआई रिमोटएक्स ऐप – डॉ. (फादर) डोनाल्ड डी’सिल्वा, एसजे, डीन – ए एंड एफ द्वारा उद्घाटन
o नोवा | एक्सएल-लिबबॉट 2.0 – प्रो. संजय पात्रो, डीन – अकादमिक द्वारा उद्घाटन
● विजेताओं को निम्नलिखित श्रेणियों में सम्मानित किया गया:
o सबसे अधिक पुस्तकें उधार लेने वाले उपयोगकर्ता (छात्र, संकाय और कर्मचारी श्रेणियां)
o सबसे अधिक बार लाइब्रेरी उपयोगकर्ता
o सबसे अधिक बार ऑनलाइन कैटलॉग उपयोगकर्ता
o सबसे अधिक बार चर्चा कक्ष उपयोगकर्ता
o लाइब्रेरी क्विज़ 2025 विजेता
o शीर्ष कोर्सेरा शिक्षार्थी – जुलाई 2025
● पुस्तकालय कर्मचारियों को उनकी प्रतिबद्धता और योगदान के लिए विशेष सम्मान दिया गया।
नेतृत्व से संदेश:
डॉ. (फादर) सेबेस्टियन जॉर्ज, एसजे ने ज्ञान के संरक्षण और प्रसार में पुस्तकालय पेशेवरों की भूमिका की प्रशंसा की और उन्हें “मानव विकास का संरक्षक” कहा।
डॉ. (फादर) डोनाल्ड डिसिल्वा, एसजे ने पुस्तकालय टीम की व्यावसायिकता और समर्पण की सराहना की और छात्रों, शिक्षकों और समुदाय के प्रति उनकी निरंतर सेवा की सराहना की।
प्रो. संजय पात्रो ने डिजिटल संसाधनों की बढ़ती भूमिका और विशेष रूप से विकासशील देशों में सूचना अंतराल को पाटने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
डॉ. एच. के. प्रधान ने पुस्तकालय के भौतिक संग्रह से एक आधुनिक शोध केंद्र के रूप में विकास पर विचार किया और शैक्षणिक यात्रा में इसकी अपूरणीय भूमिका पर बल दिया।
इस समारोह में न केवल भारत में पुस्तकालय विज्ञान के जनक डॉ. एस. आर. रंगनाथन की विरासत को श्रद्धांजलि दी गई, बल्कि पुस्तकालय सेवाओं में ज्ञान, अनुसंधान और डिजिटल नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए एक्सएलआरआई की प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की गई।






