लातेहार। में चमातू कोल परियोजना में हुई फायरिंग की वारदात में सुरक्षाबलों की घोर लापरवाही सामने आई है।

लातेहार। में चमातू कोल परियोजना में हुई फायरिंग की वारदात में सुरक्षाबलों की घोर लापरवाही सामने आई है।

पलामू डीआईजी की रिपोर्ट ने पूरे घटना की पोल खोल कर रख दी है। पलामू डीआईजी नौशाद आलम के द्वारा पुलिस मुख्यालय को भेजी गई रिपोर्ट में सुरक्षा कर्मियों की लापरवाही सामने आई है। लातेहार के बालूमाथ के चमातू कोल परियोजना में वीपीआर कंपनी की साइट पर आगजनी के मामले में सुरक्षाबलों की घोर लापरवाही सामने आयी है। 18 जुलाई को आगजनी की वारदात को कुख्यात राहुल दुबे गैंग ने अंजाम दिया था। आगजनी के बाद डीआईजी पलामू नौशाद आलम ने पूरे साइट की सुरक्षा की समीक्षा की थी, जिसके बाद एसआईएसएफ के कंपनी कमांडर सहायक निरीक्षक सहतू राम को निलंबित कर दिया गया है। डीआईजी नौशाद आलम ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की सिफारिश की है। इनमें कम से कम 10 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने, विशेष रूप से पीटीजेड कैमरे लगाने की मांग की है। वहीं सुरक्षा के लिए अब कोल साइडिंग पर लातेहार पुलिस के एक अफसर की तैनाती 24 घंटे रहेगी, जो स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करेगा।

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई