अपनी स्वर्ण जयंती पर नए अंदाज़ में पेश होगा ‘अशोका साड़ीज’
लेडीज़ सूट पीस और रेडीमेड वियर के लिए समर्पित होगा नया सेक्शन, उद्घाटन 4 जुलाई को
जमशेदपुरः अपनी परम्परा के अनुरूप जमशेदपुर के फैशन बाज़ार को नयी पहचान देने के उद्देश्य से, कमानी सेंटर, बिष्टुपुर स्थित ‘अशोका साड़ीज’ अब नए अंदाज़ में पेश होने जा रहा है. अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे करने पर ‘अशोका साड़ीज’ ने अपने स्टोर का विस्तार किया है.
स्वर्गीय दुर्गा प्रसाद जी नागेलिया द्वारा 1976 में स्थापित ‘अशोका साड़ीज’ आज जमशेदपुर का पसंदीदा ब्रांड बन गया है. ‘अशोका साड़ीज’ का ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट के बाद अब सेकंड फ्लोर में विस्तार किया गया है. 4000 स्क्वायर फीट में फैले इस स्टोर के नए सेक्शन का उद्घाटन 4 जुलाई को किया जायेगा।
इस अवसर पर आयोजित एक संवाददाता सम्मलेन को सम्बोधित करते हुए ‘अशोका साड़ीज’ के प्रोप्रिएटर किशोर नागेलिया, गोकुल नागेलिया और भरत नागेलिया ने बताया कि स्टोर ने अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे कर लिए है. इन वर्षों में अपने उत्पादों और सेवाओं से ग्राहकों के दिलों में एक विशेष स्थान हासिल किया है. 50 वर्ष पूरे होने पर ग्राहकों को आकर्षक डिस्काउंट के साथ साथ प्रत्येक खरीददारी पर गिफ्ट दिए जायेंगे।
शहर के लोगों की बदलती मांग को देखते हुए उन्होंने अपनी सेवाओं में विस्तार किया है. स्टोर में आकर्षक साड़ियों की विशाल रेंज, लहंगा चुन्नी, क्रॉपटॉप और सूट जैसे लुभावने एथनिक कपड़े सभी को मोहित कर देंगे। श्री नागेलिया ने बताया इस स्टोर में लेडीज़ सूट पीस और रेडीमेड वियर के लिए समर्पित एक नया सेक्शन होगा जिसमें ट्रेंडी से लेकर पारंपरिक और कॉर्पोरेट वियर से लेकर कैजुअल तक सब कुछ होगा। यही नहीं स्टोर में जल्द ही कॉस्मेटिक सेक्शन की भी शुरुआत की जाएगी।
श्री नगलिया ने बताया कि ” यह संस्थापक स्वर्गीय दुर्गा प्रसाद जी नागेलिया को श्रद्धांजलि देने और हमारे मूल्यवान ग्राहकों के प्रति आभार व्यक्त करने का हमारा तरीका है. फैशन को ध्यान में रख कर वस्त्रों को पेश किया गया है।”
‘अशोका साड़ीज’ के शोरूम में सभी वर्ग के लोगों के लिए कुछ न कुछ खास है। नवीनतम डिजाइन व क्वालिटी इसकी विशेष पहचान है। रक्षाबंधन को ध्यान में रख कर विशेष रेंज भी पेश गयी है। श्री नागेलिया ने बताया कि उनका यह प्रयास है की कपड़े सिर्फ उपयोगिता की दृष्टि से ही नहीं बल्कि दिखने में भी अच्छे लगें. उन्होंने इस बात का ध्यान रखा है कि वह कपड़ा कौन पहनेगा, और उसे किन मौकों पर पहना जायेगा. इसके साथ ही रंगों और स्टाइल की भी विस्तृत श्रृंखला पेश की गयी है





