देवघर एम्स में करोड़ों के उपकरणों पर झरने की तरह गिर रहा है पानी, पीएम मोदी ने किया था उद्घाटन
देवघर : झारखंड के एकमात्र एम्स में भ्रष्टाचार की पोल खोलने खुद इंद्र देवता अवतरित हुए हैं। पानी टप-टप नहीं झर-झर गिर रहा है। लोग अभी देवघर के एम्स के उद्घाटन की ना तो तारीख़ भूले हैं और ना ही उद्घघाटन करने वाले का नाम। नीचे करोड़ों के उपकरण पड़े हैं और उपर से ऐसा लग रहा है गंगा मैया ख़ुद स्नान कराने पहुंची है। तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर जेबीकेएसएस आर्मी ने डाली है।
वीडियो में जो दिख रहा है वो बताने के लिए काफी है कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की शाखा के निर्माण में कितना घपला हुआ होगा। देवघर एम्स पीएम मोदी और गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे के ड्रीम प्रोजेक्ट का हिस्सा था लेकिन करोड़ों के उपकरणों पर जिस तरह से पानी गिर रहा है उससे तो ऐसा ही लग रहा है कि किसी ने बाल्टी भर पानी डाल सपना तोड़ दिया है।
दरअसल सपना निशिकांत दुबे का नहीं टूटा है सपना तो झारखंड के लोगों का टूटा है जिन्होंने बेहतर और विश्वस्तरीय इलाज और पढ़ाई का ख़्वाब देखा था। जिन्हें लगता था कि देवघर एम्स का हाल रांची के रिम्स जैसा नहीं होगा। मगर यहां तो हो रहा है उल्टा रांची के रिम्स में पानी छत नहीं आता बल्कि जल जमाव होता है यहां तो छत-दीवार सब तरफ़ से पानी गिर रहा है।
देवघर एम्स के वीडियो में जो नज़र आ रहा है उसके मुताबिक़ कंप्यूटर समेत तमाम उपकरणों को इस तरह रखा गया है ताकी वे पूरी तरह पानी से भीग जाए, ख़राब हो जाए। टेबल, कुर्सी, आलमारी सबकुछ पानी में डूबे पड़े हैं। पानी दीवारों से रिस रहा है। छत से झरने की तरह गिर रहा है।
सवाल ये उठ रहा है कि उद्घघाटन के एक साल बाद ही देवघर एम्स के इस हालत के लिए कौन ज़िम्मेदार है। जिन उपकरणों की अभी पैकिंग भी नहीं खुली थी उसके ख़राब होने का हिसाब कौन देगा। और सबसे बड़ी बात तो ये कि वीडियो सिर्फ एक कमरे का है इसकी क्या गारंटी दूसरी जगहों पर इस तरह झरना नहीं बह रहा होगा।





