विधायक जयराम महतो का जुबानी हमला, पूछा- कैसे पूरा होगा बिनोद बिहारी महतो का सपना

विधायक जयराम महतो का जुबानी हमला, पूछा- कैसे पूरा होगा बिनोद बिहारी महतो का सपना

धनबाद : डुमरी विधायक जयराम महतो सह बीबीएमकेयू के छात्र अतिथि के रूप में बिनोद बिहारी महतो की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में शामिल हुए. सीएम हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष गंगवार के साथ उन्होंने मंच साझा किया.
मीडिया से बातचीत के दौरान शिक्षा को लेकर विधायक जयराम महतो ने बड़ी बात कही है. उन्होंने कहा कि बिनोद बिहारी महतो के सपनों को आज हम महज 5 से पंद्रह फीसदी ही पूरा कर सके हैं. शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की जरूरत है. प्राइवेट बीएड कॉलेज को लेकर माननीयों पर बड़ा हमला बोला है.
बिनोद बिहारी महतो एक ऐसे शख्स रहे, जिनके कारण ही झारखंड अलग राज्य का निर्माण हुआ. शिक्षा के क्षेत्र ने जो बिनोद बिहारी महतो ने किया है, वह शायद ही किसी ने किया हो. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में भी कई खामियां हैं. यहां काम करने वाले कमर्चारियों के वेतन बढ़ोतरी को लेकर काफी दिक्कत हुई.
ये मामला सदन में उठाने के बाद उनका वेतन वृद्धि हुई. यह कहां का नियम है जब सदन में सवाल उठाएंगे तो उन्हें वेतन मिलेगा. झारखंड आंदोलन की लड़ाई 40 से 70 और फिर 1970 से 2000 तक यह लड़ाई चली. इस लड़ाई का कोयलांचल मुख्य केंद्र बिंदु था. त्रिवेणी संगम के नायक बिनोद बाबू, कॉमरेड एके राय और गुरुजी रहे हैं. बिनोद बिहारी महतो ने जो सपना देखा था, आज भी उससे कोसों दूर है. पांच से 15 प्रतिशत हम उनके सपनों को साकार कर पाए हैं.
शिक्षा को सरल और सुलभ होना चाहिए था लेकिन आज ज्यादातर भी प्राइवेट बीएड कॉलेज में माननीयों का योगदान अप्रत्यक्ष रूप से होता है. माननीयों का पार्टनरशिप होता है या उनकी डायरेक्ट भागीदारी होती है और वो अगर कहते है कि बिनोद बिहारी महतो के सपनो को साकार करेंगे और झारखंड के गरीब गुरबों का विकास करेंगे तो यह कभी संभव नहीं है.
विधायक ने कहा कि मास्टर डिग्री लेने के बाद बीएड में एडमिशन के लिए गए थे. लेकिन उनकी फीस काफी थी जिस कारण एडमिशन नहीं ले सके. शिक्षा के क्षेत्र में सरकार को एक क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि आज एक छात्र यूनिवर्सिटी में अतिथि बनकर पहुंचा है.

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