आज दिनांक 17.05.2025 को जुगसलाई नगर परिषद की इनफोर्समेंट टीम के द्वारा R.O. वॉटर प्लांटों का औचक निरीक्षण किया गया, निरीक्षण के क्रम में 1.सिद्धि वॉटर, 2. एक्वा कूल के संचालकों का अनुज्ञप्ति नहीं पाया गया, उन्हें जल्द से जल्द अनुज्ञप्ति प्राप्त करने हेतु आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज समर्पित करने हेतु निर्देशित किया गया।
विदित हो कि शहरी क्षेत्र में नगर निकाय की अनुमति के बिना बड़ी संख्या में रिवर्स ऑस्मोसिस (R.O.) वॉटर उपचार केंद्र संचालित हो रहे हैं।
जिससे शहरी क्षेत्र में भूगर्भ जल का स्तर में लगातार कमी हो रही है, भूमिगत जल स्रोतों के अत्यधिक दोहन से ग्रीष्मकालीन ऋतु में आमजनों को जल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
बिना अनुज्ञप्ति आर.ओ. वॉटर प्लांट उपचार संयंत्र का संचालन करने वालों को निर्देशित किया जाता है कि जल्द से जल्द नगर परिषद में आकर निम्नवत दस्तावेजों के साथ पंजीकरण कराना सुनिश्चित करेंगे:
1. व्यक्तिगत मामले में आधार कार्ड।
2. कंपनी या फर्म के मामले में क्रमशः निगमन या पंजीकरण का कागजात।
3. आद्धतन बिजली बिल।
4. होल्डिंग कर रसीद।
5. केंद्रीय भूगर्भ जल प्राधिकार के द्वारा निर्गत अनापत्ति प्रमाण पत्र।
6. जल आपूर्ति अभिकरण द्वारा फोटो के साथ वर्षा जल संचयन संरचना ( Rain Water Harvesting) का विवरण समर्पित करना होगा। खुली भूमि के मामले में लाइसेंस धारक द्वारा एक हलकनामा समर्पित करना होगा कि संरचना का निर्माण होने के बाद Rain Water Harvesting का निर्माण कर दिया जाएगा।
नगर परिषद क्षेत्र में बिना पंजीकृत आर.ओ. प्लांट उपचार संयंत्र संचालित करने वालों पर झारखण्ड नगर पालिका अधिनियम 2011 की सुसंगत
धाराओं के तहत दंड शुल्क अधिरोपित किया जाएगा एवं विधि सम्मत करवाई की जाएगी।
इसके साथ ही प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के बिक्री व उपयोग करने वालों के खिलाफ भी अभियान चलाया गया। विदित हो कि प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम (संशोधन) 2021 के तहत 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले कैरी बैग या उत्पादों का आयात, बिक्री, भंडारण एवं उपयोग दंडनीय अपराध है। इस अभियान में नगर प्रबंधक श्री राजेंद्र कुमार, कनीय अभियंता तनुज जैन, दीपक सिंकू, राजस्व निरीक्षक राहुल कुमार दास, उमेश प्रजापति, मो नसीम अख्तर, सैनिटरी सुपरवाइजर दिनेश कुमार, गृह रक्षक संतोष यादव एवं नीरज कुमार आदि मौजूद थे।






