Ramgarh रामगढ : चितरपुर प्रखंड के भुचुंगडीह पंचायत अंतर्गत कोइहरा में बुधवार की सुबह बकरियों को चरा रहे एक 60 वर्षीय बुजुर्ग को हाथियों के झुंड ने पटक कर मार डाला. उनके बाद भी गुस्सैल हाथी घटनास्थल के आसपास ही विचरण कर रहे थे. जानकारी के अनुसार कोइहरा के मुंडा टोला निवासी मेघनाथ मुंडा गांव के समीप जंगल में बकरियों को चराने के लिए गया हुआ था. इसी दौरान हाथियों के झुंड में से एक हाथी ने उन्हें अपनी चपेट में लेकर पटककर मार डाला. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण घटनास्थल पहुंचकर हाथियों के झुंड को घटना स्थल से दूर भगाया. फिर भी लोगों में काफी दहशत का माहौल था. क्योंकि लगभग 40 की संख्या में हाथियों का झुंड घटना स्थल के आसपास ही विचरण कर रहे थे.
दहशत में शव के समीप घंटों लगी रही लोगों की भीड़ वहीं घटना को लेकर पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर घटना स्थल पर ही डटे रहे. इसकी सूचना मिलते ही वन विभाग के वनरक्षी शंकर उरांव अपनी टीम और थाने के सहायक अवर निरीक्षक संजय कुमार सिंह के साथ पुलिस बल को लेकर घटनास्थल पहुंची और ग्रामीणों को सुरक्षित ठिकाने पर जाने को कहा. इसके साथ ही रामगढ़ जीप अध्यक्ष सुधा देवी, पंचायत की मुखिया सुनीता देवी, पूर्व पार्षद गोपाल चौधरी भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने विभाग के अधिकारियों से घटना की जानकारी ली और ग्रामीणों की सुरक्षा के इंतजाम करने के निर्देश दिए.
इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने लोगो की भीड़ को समझाया-बुझाया और भुक्तभोगी परिवार को मुआवजा के रूप में तत्काल पच्चीस हजार रुपए दिया गया. वहीं शेष बचे मुआवजा राशि को जल्द से जल्द देने की बात कही. साथ ही साथ जल्द जल्द हाथी के झुंड को गांव से दूर भगाने का आश्वासन भी दिया गया. इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों के भीड़ को हटा लिया गया. उसके बाद वन विभाग की टीम ने शव को अपने कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल रामगढ़ भेजवाया.
उधर स्थानीय जनप्रतिनिधि राजनीतिक दल के नेताओं ने हाथियों के लगातार उत्पात पर जिला प्रशासन को हस्तक्षेप कर इस पर अंकुश लगाने की मांग की है, ताकि सुदूरवर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों को जान माल की सुरक्षा मिल सके, उन्होंने कहा कि वन विभाग के पास हाथियों से निपटने के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं, हाथियों को इस क्षेत्र से भगाने के लिए वन विभाग किसी तरह का उचित कदम नहीं उठा रहा है, अब एक बुजुर्ग की भी जान चली गई,






