जमशेदपुर के विजया गार्डेन में हुई चोरी की बड़ी घटनाओं का पर्दाफ़ाश जल्द होगा और चोर पकड़े जाएँगे.

जमशेदपुर पूर्वी के विधायक श्री सरयू राय का प्रेस वक्तव्य

जमशेदपुर, 3 जून 2024
जमशेदपुर के विजया गार्डेन में हुई चोरी की बड़ी घटनाओं का पर्दाफ़ाश जल्द होगा और चोर पकड़े जाएँगे. इसके बाद विजया गार्डेन के विस्तृत परिसर में सुरक्षा मुकम्मल करने के प्रावधान किए जाएँगे. यह आश्वासन मुझे पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक तथा विजया गार्डेन सोसायटी के प्रबंध निदेशक श्री फणि महतो ने दिया है. श्री महतो फ़िलहाल सिंगापुर में हैं. उनसे मेरी बात दूरभाष पर हुई .

जमशेदपुर पुलिस का पूरा ध्यान अभी चोरी के मामले का उद्भेदन करने, अपराधियों को पकड़ने और चोरी गई संपत्ति को बरामद करने पर है. यह होते ही विजया गार्डेन के भौगोलिक विस्तार का अध्ययन कर यहाँ की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ बनाने पर पुलिस और प्रबंधन एक सशक्त योजना लागू करने का कार्य करेंगे.

विजया गार्डेन जमशेदपुर की एक प्रतिष्ठित सोसायटी है जहां के निवासी प्रति माह यहाँ के प्रबंधन को एक बड़ी धनराशि जनसुविधाएँ एवं सुरक्षित जन_जीवन के लिए देते हैं. इसके बावजूद चोरी की घटनाएं होने से लोगों के मन में भविष्य को लेकर सवाल खड़ा होने लगा है. चोरी की इस घटना से सोसायटी की प्रतिष्ठा भी धूमिल हुई है.

चोरी का उद्भेदन करना, चोरों को पकड़ना और चोरी का माल बरामद करना तो पुलिस का दायित्व है पर इतने विशाल भूखंड पर महँगे फ़्लैट एवं भवन खरीद कर निवास करने वालों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ एवं भरोसेमंद होना जरूरी है. ये सोसायटी के प्रबंधन के साथ ही हम सबकी भी ज़िम्मेदारी है.

विजया गार्डेन का भौगोलिक विस्तार और आवागमन के रास्तों के सार्वजनिक उपयोग की विशेष परिस्थिति के मद्देनज़र यहाँ की चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए विशेष उपाय करने होंगे. प्रबंधक के सिंगापुर से लौटने के बाद इस पर गंभीर पहल होगी.

मैं सोमवार को चोरी के भुक्तभोगी परिवार से विजया गार्डेन जाकर मिला. उन्होंने अपना पूरा डुप्लेक्स घुमाकर चोरों की कारगुज़ारियाँ दिखाया. चोरों ने निकलते वक्त अपने कुछ कपड़े और कुछ अन्य निशान छोड़े हैं जो शायद पुलिस की जांच में मददगार साबित हों। मैने विजय गार्डन से ही दोबारा वरीय पुलिस अधीक्षक से बात की और खोजी श्वान दल का उपयोग करने का सुझाव दिया जिसे उन्होंने अविलंब स्वीकार किया. भुक्तभोगी परिवार की दास्तान सुनने के बाद इस निष्कर्ष पर मैं इस निष्कर्ष पर पहुँचा कि विजया गार्डेन में न केवल सुरक्षा व्यवस्था लचर है बल्कि यहाँ के प्रबंधन कर्मी भी सक्रिय नहीं है. प्रबंधन कर्मियों को जितनी सक्रियता बरतनी चाहिए उसका घोर अभाव है. वे संवेदनशील नहीं है.

मुझे लगता है कि विजया गार्डेन की सुरक्षा केवल सोसायटी प्रबंधन पर नहीं छोड़ा जा सकता. इसमें जमशेदपुर पुलिस को भी सक्रिय भूमिका निभानी पड़ेगी. संतोष की बात है कि जिला पुलिस के आला अधिकारी और सोसायटी के प्रबंध निदेशक भी इसके लिए तैयार हैं. उम्मीद है कि विजया गार्डेन की यह घटना शहर की सभी आवासीय परिसरों एवं सोसायटियों के लिए सुरक्षा प्रबंधन की नई राह खोलेगी.

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