झारखण्ड | भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के तहत ट्राइबल को-ऑपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ट्राइफेड) ने को बिष्टूपुर के गोपाल मैदान मंा आदि महोत्सव एक जनजातीय महोत्सव की शुरुआत की.
महोत्सव का उद्घाटन केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने किया. इस मौके पर सांसद विद्युतवरण महतो, विधायक सरयू राय, टाटा स्टील के कॉरपोरेट मामले के उपाध्यक्ष चाणक्य चौधरी सहित अन्य मौजूद थे. इस मौके पर मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि आदि महोत्सव हमारे देश की जनजातीय संस्कृति, परम्परा और कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचाने का एक प्रमुख मंच है. यह हमारे आदिवासी पूर्वजों, विभिन्न अद्वितीय आदिवासी समुदायों की संस्कृति, उनकी जीवनशैली और स्वयं आदिवासियों के योगदान का उत्सव है. आदि महोत्सव भारत को जानने का अवसर है. इस महोत्सव को भारत की आदिवासी परंपरा और संस्कृति को समझने का अवसर मिलता है. मुंडा ने कहा कि यह महोत्सव विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) और वन धन केंद्र लाभार्थियों सहित लगभग 336 जनजातीय कारीगरों और कलाकारों की मेजबानी कर रहा है. देश के कोने-कोने से आए संगीत, कला, चित्रकला और व्यंजनों के अलावा, आदि महोत्सव कारीगरों से मिलने, उनके जीवन जीने के तरीके के बारे में जानने और जनजातीय संस्कृति व परंपराओं से रूबरू होने का यह अवसर है. उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न पहाड़, जंगल, समुद्री और सीमावर्ती क्षेत्रों में जीवन-यापन करने वाले आदिवासी कठिन परिस्थितियों में अपनी परंपरा और संस्कृति के संजोये भी हैं और सीमावर्ती क्षेत्र में प्रहरी का भी काम करते हैं.
आदिवासी प्रतिभाएं खेल जगत में भी उभर रहीं सांसद विद्युतवरण महतो ने कहा कि आदिवासी प्रतिभाएं खेल जगत में भी उभर रही हैं और देश का नाम रोशन कर रही हैं. केंद्रीय जनजातीय मंत्रालय ने 740 एकलव्य मॉडल विद्यालय बनाकर इतिहास रचा है. आगे भी विकास का काम जारी है.
इससे सभी को लाभ मिल रहा है.
आदि महोत्सव मील का पत्थर साबित होगा विधायक सरयू राय ने कहा कि यह महोत्सव आदिवासी बंधुओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा. यह आदिवासी संस्कृति और परंपराओं से भी लोगों को अवगत कराएगा.






