मृतक के परिजन ने जमशेदपुर अस्पताल पर लगाया आंखें निकालने का आरोप, हंगामा

मानगो के पारडीह स्थित उमा हॉस्पिटल पर एक मृत व्यक्ति के परिजनों ने इलाज के दौरान मरीज की हत्या कर आंखें निकाल लेने का आरोप लगाया है.

मृतक के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया, वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि चूहे ने मृतक की आंख को नुकसान पहुंचाया होगा.

अस्पताल में इलाजरत मरीज या इलाज के दौरान मृत व्यक्ति के प्रति प्रबंधन की इतनी बड़ी लापरवाही से परिजनों में आक्रोश है.

पूर्वी सिंहभूम जिले के सिविल सर्जन डॉ जुझार माझी ने कहा कि उन्हें इस मामले में कोई जानकारी नहीं है और जानकारी मिलने के बाद कानून के मुताबिक कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ है तो यह अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही है.

मृतक की आंख गायब होने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन पर मृतक की आंख निकालने का आरोप लगाया. हंगामे के बीच अस्पताल प्रबंधन की ओर से मृतक के परिजनों और हंगामा करने वालों से बात की.

इस दौरान अस्पताल प्रबंधन ने मृतक के तीनों बच्चों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये और अंतिम संस्कार के लिए 50 हजार रुपये देने की पेशकश की.

सोशल मीडिया में मामला उछलने के बाद उलीडीह पुलिस ने कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज की जायेगी. पुलिस मामला दर्ज करने के साथ ही शव को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम अस्पताल भेजने की प्रक्रिया पूरी कर रही थी.

इस मामले में मृतक के परिजनों ने एसएसपी से लिखित शिकायत की है. शिकायत में अस्पताल प्रबंधन पर मरीज की आंखें निकालकर हत्या करने का आरोप लगाया गया है.

मृतक सहदेव महतो के भाई शिवदेव महतो ने शिकायत में कहा है कि उनका भाई एक अगस्त की रात सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था. जिसके बाद उसे रात में ही डिमना रोड स्थित उमा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. अगले दिन 2 अगस्त को सहदेव महतो को अस्पताल ने मृत घोषित कर दिया.

अस्पताल पहुंचने के बाद जब परिजन शव को घर ले जाने लगे तो शव से खून गिरता देख उन्हें कुछ गड़बड़ का एहसास हुआ और जब उन्होंने बारीकी से जांच की तो देखा कि शव की दाहिनी आंख गायब थी और चेहरे पर पट्टी बंधी हुई थी. . उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की. परिजनों ने सक्षम अधिकारी और मृतक के परिजनों की मौजूदगी में वीडियोग्राफी के साथ शव का पोस्टमार्टम कराने की भी मांग की है.

सरायकेला-खरसावां जिले के कुकडू प्रखंड के कादरगामा निवासी सहदेव महतो (30) की बाइक नीमडीह थाना क्षेत्र के मुरू गांव के सामने दुर्घटनाग्रस्त हो गयी.

दुर्घटना के बाद नीमडीह थाने की पुलिस उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नीमडीह ले गयी. इसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल जमशेदपुर रेफर कर दिया गया. परिजन उन्हें एमजीएम अस्पताल से रिम्स, रांची ले गये. परिजन उसे वापस जमशेदपुर ले आए और उमा अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान बुधवार रात उसकी मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने बुधवार की रात ही परिजनों से उसका शव ले जाने को कहा. परिजनों ने रात में शव लेने में असमर्थता जताई और सुबह तक शव अस्पताल में ही रखने का अनुरोध किया.

गुरुवार की सुबह जब उसके परिजन शव लेने पहुंचे तो देखा कि उसकी दाहिनी आंख ही गायब है. इसके बाद अस्पताल में हंगामा शुरू हो गया.

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