पश्चिमी सिंहभूम जिले के ग्रामीण कार्य प्रमंडल, चक्रधरपुर के लेखा लिपिक सरोज कुमार सिंह को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया।
उन्हें भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने गिरफ्तार किया है. बताया जाता है कि पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझारी थाना अंतर्गत खेड़ियाटांगर निवासी अविनाश कुमार सिरका ने जमशेदपुर एसीबी से शिकायत की थी कि वह चाईबासा के एएस कंस्ट्रक्शन के नाम पर ठेकेदारी करते हैं.
31 जनवरी को वेबसाइट पर उपलब्ध निविदा आमंत्रण सूचना में प्रखंडवार कुल 28 कार्य योजनाओं का उल्लेख किया गया है. इसमें से देवेन्द्र मांझी चौक से गोप स्थित मदन गोप के घर तक 0.500 किमी पीसीसी सड़क निर्माण की कार्य योजना शामिल है. मनोहरपुर प्रखंड अंतर्गत डिम्बुली पंचायत का टोला फाइनल है, जिसकी प्राक्कलित राशि 46,53,600 रुपये निर्धारित की गयी है.
उक्त टेंडर अविनाश कुमार सिरका की कंपनी को ही दिया गया था. लेकिन जब टेंडर लेने की बारी आयी तो चक्रधरपुर ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता चंदन कुमार ने उन्हें कर्मचारी सरोज कुमार से जाकर मिलने को कहा.
कार्यपालक अभियंता चंदन कुमार के निर्देशानुसार ठेकेदार सरोज कुमार से मिले. सरोज कुमार ने बताया कि प्राक्कलित राशि का 3 प्रतिशत (1 लाख 40 हजार रुपये) के हिसाब से खर्च किया जायेगा, क्योंकि सारी राशि कार्यालय के कैशियर को देनी है, तभी कार्य योजना का कार्यादेश प्राप्त होगा. . कई बार अनुरोध करने के बाद भी उन्हें काम नहीं दिया गया, जबकि ठेकेदार रिश्वत नहीं देना चाहते थे।
इसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत जमशेदपुर एसीबी से की. एसीबी ने सत्यापन किया तो पता चला कि कार्यपालक अभियंता चंदन कुमार और कार्यालय कर्मी सरोज कुमार रिश्वत मांग रहे थे. कार्यपालक अभियंता के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है.






