जमशेदपुर के 1597 स्कूलों में लाइटनिंग अरेस्टर नहीं

भारतीय मौसम विभाग ने देश के छह राज्यों को आकाशीय बिजली के खतरों के प्रति सर्वाधिक संवेदनशील माना है, जिनमें झारखंड राज्य भी शामिल है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2021-22 में झारखंड में बिजली गिरने की 4 लाख 39 हजार 828 घटनाएं हुईं. रांची उच्च न्यायालय के निर्देश पर वर्ष 2008-09 एवं 2010-11 में जिले के सभी विद्यालयों में तड़ित चालक लगाये गये थे.

उस समय पूर्वी सिंहभूम के करीब दो हजार स्कूलों में तड़ित चालक लगाये गये थे. लेकिन आज तक जिले के 1597 स्कूलों में तड़ित चालक नहीं है जिससे छात्रों की जान जोखिम में है.

मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना सरकारी मॉडल स्कूल में जहां इस सत्र से सीबीएसई की पढ़ाई शुरू हो गयी है, इस योजना के तहत जमशेदपुर में मॉडल स्कूल भवन साकची बालिका प्लस टू विद्यालय और बीपीएम प्लस टू विद्यालय के लिए नये भवन का निर्माण कराया गया. लेकिन इन नये विद्यालय भवनों में भी तड़ित चालक व अग्निशामक यंत्र की व्यवस्था नहीं की गयी है.

मालूम हो कि उक्त भवन का निर्माण वित्तीय वर्ष 2022-23 में ही हुआ है.

इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी निर्मला कुमारी बरेलिया ने बताया कि जिले में बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रधानाध्यापकों की बैठक में सभी प्रधानाध्यापकों को विद्यालय प्रबंधन समिति से अनुमति लेकर लाइटनिंग लगाने का निर्देश दिया गया है. विद्यालय विकास मद से विद्यालय में कंडक्टर एवं अग्निशामक यंत्र की व्यवस्था कर विभाग को सूचित करें।

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