जमशेदपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, अंडे और मछली में मिले हानिकारक रंग; दो दर्जन से अधिक दुकानदारों पर जुर्माना
मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के साथ शहर के विभिन्न इलाकों में चला विशेष जांच अभियान, अखाद्य रंगों से तैयार खाद्य पदार्थों को मौके पर कराया गया नष्ट; दुकानदारों को दी गई सख्त चेतावनी
जमशेदपुर: शहर में खाद्य पदार्थों में मिलावट, प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल और लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले खाद्य कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। इसी कड़ी में गुरुवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से शहर के विभिन्न इलाकों में विशेष जांच अभियान चलाया गया। नामकुम से पहुंची मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम ने अलग-अलग दुकानों, खाद्य प्रतिष्ठानों और सड़क किनारे संचालित खाद्य स्टॉलों पर पहुंचकर खाद्य सामग्रियों की जांच की। इस दौरान अंडे और मछली से तैयार खाद्य पदार्थों में हानिकारक एवं अखाद्य रंगों के इस्तेमाल का मामला सामने आया। जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने के बाद अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट करवा दिया। वहीं, नियमों की अनदेखी करने वाले दो दर्जन से अधिक दुकानदारों पर जुर्माना भी लगाया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से शहर के खाद्य कारोबारियों और दुकानदारों में हड़कंप मचा रहा। अभियान के दौरान टीम ने दुकानों में बिक्री के लिए रखे गए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, उनकी स्वच्छता और उनमें इस्तेमाल किए जा रहे रंगों की जांच की। खास तौर पर उन खाद्य सामग्रियों पर ध्यान दिया गया, जिनमें आकर्षक रंगों का इस्तेमाल कर ग्राहकों को आकर्षित किया जाता है। मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब की सहायता से खाद्य पदार्थों के नमूनों की मौके पर ही प्रारंभिक जांच की गई, जिससे मिलावट और अखाद्य रंगों के इस्तेमाल की पहचान करने में मदद मिली।
जांच के दौरान अंडे और मछली से तैयार खाद्य पदार्थों में ऐसे रंगों का इस्तेमाल पाया गया, जिनका खाद्य पदार्थों में उपयोग निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है। अधिकारियों ने इसे गंभीर मामला मानते हुए संबंधित खाद्य सामग्री को बिक्री से हटवाया और मौके पर ही नष्ट कराया, ताकि इनका सेवन आम लोग नहीं कर सकें। विभाग की टीम ने दुकानदारों को स्पष्ट रूप से बताया कि खाद्य पदार्थों को अधिक आकर्षक दिखाने या ग्राहकों को लुभाने के लिए किसी भी प्रकार के अखाद्य अथवा प्रतिबंधित रंगों का इस्तेमाल करना नियमों का उल्लंघन है।
अभियान के दौरान दो दर्जन से अधिक दुकानदारों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों को चेतावनी दी कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दुकानों में साफ-सफाई बनाए रखना, खाद्य सामग्रियों को सुरक्षित तरीके से रखना, निर्धारित गुणवत्ता वाले रंगों का ही इस्तेमाल करना और खाद्य सुरक्षा से जुड़े सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकते हैं अखाद्य रंग
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले रंगों को लेकर निर्धारित मानक हैं। केवल उन्हीं रंगों का उपयोग किया जा सकता है, जिन्हें खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल करने की अनुमति है और वह भी निर्धारित मात्रा एवं शर्तों के अनुसार। इसके विपरीत कपड़ों, औद्योगिक उत्पादों या अन्य गैर-खाद्य वस्तुओं में इस्तेमाल होने वाले रंगों को खाद्य पदार्थों में मिलाना लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। ऐसे पदार्थों का लगातार सेवन स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है। इसलिए खाद्य विक्रेताओं को किसी भी परिस्थिति में अखाद्य रंगों का इस्तेमाल नहीं करने की हिदायत दी गई।
आगे भी जारी रहेगा जांच अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल अभियान के दौरान अमानक और अखाद्य रंगों से तैयार खाद्य पदार्थों को नष्ट कराने के साथ नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। हालांकि, इसके बावजूद यदि किसी दुकान या प्रतिष्ठान में दोबारा मिलावट अथवा प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल की शिकायत मिलती है, तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस और पंजीकरण के संबंध में भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
विभाग की ओर से कहा गया कि शहरवासियों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है। त्योहारों के मौसम में खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में दुकानों, बाजारों और खाद्य प्रतिष्ठानों की निगरानी जरूरी है। इसी उद्देश्य से मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब की मदद से जांच अभियान चलाया जा रहा है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में भी शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में इस तरह की जांच जारी रहेगी। साथ ही दुकानदारों से खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने और आम लोगों से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सतर्क रहने की अपील की गई है। विभाग की इस कार्रवाई को मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने और शहरवासियों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





