रांची/भुवनेश्वर। महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन के लिए ओडिशा के पुरी जाने वाले झारखंड और ओडिशा के रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। रेलवे बोर्ड ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के गृह क्षेत्र बादामपहाड़ और रायरंगपुर को पुरी से जोड़ने वाली नई एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत के लिए 4 नवंबर की तारीख निर्धारित की है। इस नई रेल सेवा के शुरू होने से दोनों राज्यों के यात्रियों को आवागमन का एक और विकल्प मिलेगा। खासकर धार्मिक यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं, विद्यार्थियों और नियमित रूप से यात्रा करने वाले लोगों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
नई ट्रेन के संचालन से ओडिशा के मयूरभंज क्षेत्र और पुरी के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा। इसके साथ ही झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले यात्रियों के लिए भी पुरी तक पहुंचना सुविधाजनक हो सकता है।
रेलवे बोर्ड ने बादामपहाड़-रायरंगपुर क्षेत्र को पुरी से जोड़ने वाली एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत 4 नवंबर को करने का निर्णय लिया है।इस रेल सेवा का उद्देश्य मयूरभंज क्षेत्र के लोगों को पुरी जैसे प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र से जोड़ना है।अब तक इस क्षेत्र के कई यात्रियों को पुरी जाने के लिए अन्य स्टेशनों से ट्रेन पकड़ने या बीच रास्ते में ट्रेन बदलने की आवश्यकता पड़ती थी।नई एक्सप्रेस ट्रेन शुरू होने के बाद यात्रियों को अधिक सुविधाजनक रेल विकल्प उपलब्ध होने की उम्मीद है।हालांकि, ट्रेन की नियमित समय-सारिणी, ठहराव और किराए की अंतिम जानकारी रेलवे की आधिकारिक घोषणा से जांचना जरूरी होगा।
रेलवे बोर्ड ने नई पुरी-बादामपहाड़ एक्सप्रेस के संचालन को मंजूरी दे दी है। ट्रेन संख्या 18411 और 18412 के तहत इस सेवा का संचालन प्रस्तावित है।19 अक्टूबर 2026 को जारी रेलवे बोर्ड के आदेश में नई रेल सेवा को शुरू करने की स्वीकृति दी गई थी। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, ट्रेन प्रतिदिन चलेगी और दोनों राज्यों के कई महत्वपूर्ण स्टेशनों को जोड़ेगी।
नियमित परिचालन शुरू होने की तारीख की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं हुई है। पहले प्रकाशित रिपोर्टों में 28 और 29 अक्टूबर को उद्घाटन कार्यक्रम की संभावना भी बताई गई है। ऐसे में यात्रियों को अंतिम तारीख रेलवे की आधिकारिक सूचना से जांचनी चाहिए। टाटानगर और चाईबासा के यात्रियों को मिलेगी सुविधा नई एक्सप्रेस ट्रेन का लाभ झारखंड के जमशेदपुर, टाटानगर, चाईबासा और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को मिलने की उम्मीद है।वर्तमान में पुरी जाने वाले कई यात्रियों को भुवनेश्वर या खुर्दा रोड जैसे स्टेशनों से आगे की यात्रा करनी पड़ती है। नई सेवा के शुरू होने से उनके पास पुरी तक सीधी यात्रा का अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा।इससे खासकर बुजुर्ग यात्रियों, बच्चों के साथ सफर करने वाले परिवारों और तीर्थयात्रियों को सुविधा मिल सकती है।
19 स्टेशनों पर होगा ठहराव प्रस्तावित रेल मार्ग में कुल 19 वाणिज्यिक ठहराव रखे गए हैं।इनमें रायरंगपुर, औंलाजोरी, टाटानगर, सीनी, राजखरसावां, चाईबासा, झींकपानी, डांगोआपोसी, केंदुझर, कटक, भुवनेश्वर और खुर्दा रोड जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल हैं।ट्रेन का मार्ग ओडिशा के तटीय क्षेत्र को झारखंड के कोल्हान और ओडिशा के मयूरभंज क्षेत्र से जोड़ेगा। क्या होगी ट्रेन की समय-सारिणी? प्रस्तावित समय-सारिणी के अनुसार, ट्रेन संख्या 18411 पुरी से रात 11 बजकर 45 मिनट पर रवाना होगी।यह अगले दिन सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर टाटानगर पहुंचेगी। इसके बाद दोपहर 12 बजकर 53 मिनट पर रायरंगपुर और दोपहर 1 बजकर 45 मिनट पर बादामपहाड़ पहुंचने का समय निर्धारित किया गया है।वापसी में ट्रेन संख्या 18412 बादामपहाड़ से शाम 4 बजे रवाना होगी। यह शाम 5 बजकर 55 मिनट पर टाटानगर पहुंचेगी और अगले दिन सुबह 6 बजे पुरी पहुंचेगी।यह प्रस्तावित समय-सारिणी है। यात्रा की योजना बनाने से पहले यात्रियों को रेलवे की अंतिम अधिसूचना देखनी चाहिए। आधुनिक एलएचबी कोच से होगा संचालन नई एक्सप्रेस ट्रेन के लिए नौ एलएचबी कोच वाली रैक प्रस्तावित है।एलएचबी कोच आधुनिक यात्री डिब्बे होते हैं, जिन्हें बेहतर यात्रा सुविधा और सुरक्षा संबंधी विशेषताओं के लिए जाना जाता है।रिपोर्टों के अनुसार, ट्रेन में सामान्य, स्लीपर और वातानुकूलित श्रेणी के यात्रियों के लिए व्यवस्था प्रस्तावित है।ट्रेन के किराए, सीट उपलब्धता और आरक्षण संबंधी अंतिम विवरण परिचालन शुरू होने के साथ स्पष्ट होंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के गृह क्षेत्र को मिलेगा लाभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संबंध ओडिशा के मयूरभंज जिले के रायरंगपुर क्षेत्र से है।इस क्षेत्र में बेहतर रेल संपर्क की मांग लंबे समय से की जा रही थी।पुरी-बादामपहाड़ एक्सप्रेस को मंजूरी मिलने के बाद मयूरभंज के लोगों को राज्य के अन्य महत्वपूर्ण शहरों तक पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।इस रेल परियोजना को राष्ट्रपति के गृह क्षेत्र में परिवहन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।जगन्नाथ मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को राहतपुरी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। झारखंड और ओडिशा के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुरी की यात्रा करते हैं।नई ट्रेन से यात्रियों को सीधा रेल संपर्क मिलने पर धार्मिक यात्रा की योजना बनाना आसान हो सकता है।इसके अलावा पुरी के समुद्र तट और अन्य पर्यटन स्थलों तक पहुंचने वाले पर्यटकों को भी अतिरिक्त रेल सुविधा मिलेगी। व्यापार और रोजगार को भी मिल सकता है बढ़ावा नई रेल सेवा का महत्व केवल धार्मिक पर्यटन तक सीमित नहीं रहेगा।मयूरभंज और कोल्हान क्षेत्र के विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, छोटे व्यापारियों और मरीजों को भी बेहतर परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।कटक और भुवनेश्वर जैसे शहरों तक सीधी पहुंच बढ़ने से शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए यात्रा आसान हो सकती है।स्थानीय व्यापारियों को भी विभिन्न शहरों के बीच आवागमन का एक नया विकल्प मिलेगा। क्षेत्रीय रेल नेटवर्क होगा मजबूत पुरी-बादामपहाड़ एक्सप्रेस के शुरू होने से ओडिशा और झारखंड के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा।नई सेवा के जरिए कई छोटे और बड़े स्टेशन एक ही रेल मार्ग से जुड़ेंगे।विशेष रूप से मयूरभंज और कोल्हान क्षेत्र के यात्रियों को इससे लाभ मिलने की संभावना है।






