जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त, वरीय पुलिस अधीक्षक समेत अन्य वरीय पदाधिकारी बैठक में हुए शामिल, जिला प्रशासन की तैयारियों से कराया गया अवगत

कोल्हान प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में हुई दुर्गापूजा-2026 की विधि-व्यवस्था संधारण को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, सुरक्षा व्यवस्था एवं प्रशासनिक तैयारियों की हुई विस्तृत समीक्षा

जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त, वरीय पुलिस अधीक्षक समेत अन्य वरीय पदाधिकारी बैठक में हुए शामिल, जिला प्रशासन की तैयारियों से कराया गया अवगत

दुर्गापूजा-2026 के अवसर पर विधि-व्यवस्था संधारण, श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में पूजा आयोजन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कोल्हान प्रमंडलीय आयुक्त श्री रवि रंजन कुमार विक्रम की अध्यक्षता में समाहरणालय में समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूर्वी सिंहभूम जिले में दुर्गापूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, संवेदनशील स्थलों की निगरानी, पंडालों में जनसुविधा, अग्नि सुरक्षा, विसर्जन घाटों पर आवश्यक प्रबंध तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से संबंधित विषयों की समीक्षा की गई। जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त श्री राजीव रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. ऐहतेशाम वकारीब, उप विकास आयुक्त श्री नागेंद्र पासवान, अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम श्री अर्नव मिश्रा, अपर उपायुक्त श्री अनुराग तिवारी, अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) श्री मुकेश मछुआ, अनुमंडल पदाधिकारी घाटशिला श्री अमिताभ भगत तथा भूमि सुधार उप समाहर्ता धालभूम श्री सच्चिदानंद महतो सहित संबंधित पदाधिकारी बैठक में उपस्थित रहे।

बैठक में निर्देश दिया गया कि दुर्गापूजा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। पूजा पंडालों, प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों तथा संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल एवं दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाए। भीड़ की स्थिति का आकलन करते हुए आवश्यकतानुसार सुरक्षा व्यवस्था में तत्काल बदलाव किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा पूजा पंडालों, प्रमुख मार्गों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों तथा अन्य संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए संबंधित नियंत्रण कक्षों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक, अफवाहपूर्ण एवं भड़काऊ सूचनाओं पर विशेष नजर रखने तथा ऐसी सामग्री सामने आने पर तथ्यों की पुष्टि कर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने पर बल दिया गया। उन्होने निर्देशित किया कि आम नागरिकों से भी अपील की जाए कि किसी अपुष्ट सूचना, भ्रामक वीडियो अथवा संदेश को बिना सत्यापन के साझा न करें। शांति एवं सामाजिक सौहार्द प्रभावित करने के किसी भी प्रयास से सख्ती से निपटने की तैयारी रखने का निर्देश दिया गया।

सभी पूजा समितियों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराने, प्रवेश एवं निकास मार्गों को सुगम रखने तथा आपातकालीन निकास की व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया। पंडालों में विद्युत तारों, अस्थायी विद्युत कनेक्शनों, जनरेटर एवं प्रकाश व्यवस्था की जांच कराने तथा अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। पंडालों के आसपास अनावश्यक अवरोधों को हटाने और आपातकालीन वाहनों के आवागमन के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध रखने पर भी बल दिया गया।

महिला श्रद्धालुओं, बच्चों, बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक प्रबंध करने तथा भीड़ अधिक होने की स्थिति में प्रवेश एवं निकास का प्रभावी प्रबंधन करने को कहा गया। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक टीमों को तत्पर रखने का निर्देश दिया गया।

दुर्गापूजा के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए प्रमुख सड़कों, पूजा पंडालों एवं बाजार क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। आवश्यकता के अनुसार यातायात मार्गों में बदलाव, नो-एंट्री व्यवस्था, वैकल्पिक मार्गों तथा निर्धारित पार्किंग स्थलों की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया। प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन को लेकर घाटों पर आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, गहरे पानी वाले क्षेत्रों की स्पष्ट पहचान, चेतावनी संकेतक तथा सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था रखने का निर्देश दिया गया। आवश्यकता के अनुसार गोताखोरों, बचाव दल, नावों एवं अन्य आपातकालीन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

विसर्जन के दौरान निर्धारित मार्गों एवं समय-सारिणी का पालन कराने, भीड़ को नियंत्रित रखने तथा नदी एवं जलाशयों के गहरे हिस्सों में लोगों को जाने से रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया। पुलिस, प्रशासन, आपदा प्रबंधन एवं संबंधित स्थानीय निकायों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया। आपातकालीन स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने, अग्निशमन विभाग को संवेदनशील स्थलों एवं प्रमुख पूजा पंडालों में अग्नि सुरक्षा संबंधी आवश्यक तैयारियां रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। पेयजल, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई।

बैठक में स्पष्ट किया गया कि दुर्गापूजा के दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा, श्रद्धालुओं की सुविधा तथा जिले में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने दायित्वों का समयबद्ध निष्पादन करते हुए आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि दुर्गापूजा का आयोजन सुरक्षित, व्यवस्थित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।

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